हिमाचल में किन्नौर के पाइप खरीद मामले के बाद अवैध वसूली के केस में भी आईएएस संजय गुप्ता को सरकार ने बड़ी राहत दी है। सोलन के परवाणू में सात साल पुराने अवैध वसूली मामले में भी संजय गुप्ता के खिलाफ मुकदमा नहीं चलेगा।
पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस केस में संजय गुप्ता गिरफ्तार भी हुए थे। विजिलेंस ब्यूरो में अब जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। इसमें संजय गुप्ता आरोपी नहीं बनाए गए हैं। विजिलेंस ने उन्हें कोर्ट में पेश चालान में खाना नंबर 12 में रखा है।
ऐसा इसलिए किया है, क्योंकि भारत सरकार ने उनके खिलाफ अभियोजन मंजूरी देने से इनकार किया है। विजिलेंस में इस मामले का चालान तैयार करने वाली जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक श्वेता ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है।
प्रधान सचिव परिवहन एवं तकनीकी शिक्षा संजय गुप्ता को वर्ष 2009 में विजिलेंस ब्यूरो ने परवाणू में गिरफ्तार किया था। उस समय वह एचपी जीआईसी के एमडी थे और उनके पास हिमाचल वित्त निगम का कार्यभार भी था।