सीएंडवी अध्यापक संघ ने भी सरकार से डीएलएड में छूट देने की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष चमनलाल शर्मा ने कहा है कि साल 2002 में नियुक्त ग्रामीण विद्या उपासकों को डीएलएड में छूट मिल सकती है तो सीएंडवी शिक्षकों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि साल 2004 में पैरा शिक्षक शास्त्री लगे और 2014 में नियमित हुए। उसी प्रकार पीटीए 2006 में लगे 2014 में नियमित हुए। इन्हें डीएलएड में छूट क्यों नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विद्या उपासक, पैरा, पीटीए की भर्ती प्रक्रिया एक समान है।
भाषा अध्यापक जो 2011 में लगे उन्होंने प्रभाकर, एलटी की ट्रेनिंग की है। इन्हें छूट क्यों नहीं दी जा रही। अध्यक्ष चमनलाल शर्मा ने कहा कि शिक्षा विभाग का सौतेला व्यवहार संघ कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। अन्य वर्गों को राहत नहीं दी गई तो शिक्षा निदेशालय का घेराव किया जाएगा।