किसानों के सूखे खेतों में हरियाली लाने के लिए विश्व बैंक ने हिमाचल सरकार की योजना पर सहमति दी है। कुछ प्रशासनिक खामियों के चलते विश्व बैंक ने आपत्तियां लगाई थीं। अब विश्व बैंक ने 700 करोड़ रुपये की इस योजना को मंजूरी दी है। वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने विधानसभा में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि एकीकृत विकास परियोजना में आने वाले 10 जिलों की 428 पंचायतों के लघु और सीमांत किसानों को कृषि सिंचाई के लिए कूहल और लिफ्ट के माध्यम से सिंचाई सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना 4 अगस्त 2017 को विश्व बैंक ने हिमाचल के लिए स्वीकृत की थी। लेकिन 12 जुलाई 2018 को इस योजना को किन्हीं कारणों से कुछ समय के लिए लंबित कर दिया था। 29 अगस्त 2018 को विश्व बैंक ने इस परियोजना को बंद करने का निर्णय लिया था। यह परियोजना खटाई में पड़ने के बाद अनुबंध पर और दिहाड़ीदार 400 कर्मी घर बैठ गए थे। यह परियोजना प्रदेश के 10 जिलों की 428 पंचायतों को फायदा होगा।