देशभर में भारत माता की जय नारे पर हो रहे विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश विधानसभा में भी यह नारा गूंजा। विधानसभा सत्र की कार्रवाई स्थगित होने पर सीएम वीरभद्र सिंह ने जहां जय भारत और जय हिमाचल के नारे लगाए, वहीं विपक्षी भाजपा विधायकों ने जवाब में भारत माता की जय के नारे लगाए। सत्तापक्ष के विधायकों ने भी समर्थन में नारे लगाए।
इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ने कार्रवाई को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले विधानसभा में राष्ट्रगीत वंदेमातरम भी गाया गया। करीब डेढ़ महीने तक चले विधानसभा का बजट सत्र वीरवार को खत्म हो गया। विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने विधानसभा की कार्रवाई को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र की कार्रवाई को सुचारू रूप से चलने देने में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल व सभी सदस्यों का धन्यवाद किया। इससे पहले सीएम ने बजट सत्र के सफल संचालन पर सभी को बधाई दी। कहा कि प्रदेश विधानसभा का देशभर में अनुशासन, सद्भावना और मिलकर काम करने की वजह से नाम है।
कहा कि सत्र के दौरान अतिमहत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के साथ ही कई जरूरी बिल भी पास हुए। नेता प्रतिपक्ष धूमल ने कहा कि विपक्ष होने के नाते हमने सत्र के दौरान कई लोक महत्व के मुद्दे उठाए और उन पर चर्चा की। साथ ही कहा कि सत्र के दौरान कई बार पक्ष-विपक्ष के बीच मतभेद हुआ लेकिन मनभेद नहीं हुआ।
आखिर में उन्होंने वीरवार रात से शुरू हो रहे हिंदू नववर्ष पर सभी को बधाई दी। महेश्वर सिंह ने विधानसभा में शून्यकाल का प्रावधान करने की मांग रखी। इसके बाद उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए अगले सत्र को भी उनके ही मार्गदर्शन में सत्र चलने की कामना की।
वीरभद्र बोले : मैं एक राष्ट्रवादी, भारत माता की जय
सदन की कार्यवाही को स्थगित करने के बाद सीएम वीरभद्र सिंह ने बाहर पत्रकारों से बातचीत में बताया - मैं एक राष्ट्रवादी हूं। जबसे मैं राजनीति में आया तबसे ये कहता आया हूं। तभी से भारत माता की जय करता आया हूं। इसमें किसी भी कंट्रोवर्सी की बात नहीं है। कोई भी आदमी हो किसी भी प्रांत का हो, किसी भी मजहब का हो। भारत माता की जय में कोई विवाद नहीं देखना चाहिए। सीएम आगे बोले - मजहब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना। हिंदी हैं हम वतन है हिंदोस्तान हमारा।
25 बैठकों में 11 विधेयक पास
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि बजट सत्र के दौरान कुल 25 बैठकें हुईं, जिसमें नियम 61 के अंतर्गत 4 विषय उठाए गए। इसी तरह नियम 62 के तहत 19, नियम 101 के तहत 7 गैर सरकारी संकल्प सदन में लाया गया। सत्र के दौरान 471 तारांकित प्रश्नों के उत्तर दिए गए व 12 विधेयक पेश हुए जिसमें 11 पास हो गए। विधानसभा की विभिन्न समितियों ने 56 प्रतिवेदन सदन में पेश किए व विशेष उल्लेख के 15 विषयों पर चर्चा हुई। अंत में उन्होंने कार्रवाई के सफल संचालन के लिए उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी, आशा कुमारी, सुरेश भारद्वाज और कुलदीप कुमार का विशेष आभार जताया।