सामरिक महत्व के बहुचर्चित भानुपल्ली-लेह ट्रैक के एक हिस्से पर रेल दौड़ने की उम्मीद बंध गई है। रेलवे और जिला प्रशासन ने दावा किया है कि चार साल में भानुपल्ली से बिलासपुर तक रेलगाड़ी चलना शुरू हो जाएगी। प्रथम चरण के ट्रैक का काम तेजी से चल रहा है। पंजाब और हिमाचल में 20 किलोमीटर लंबे ट्रैक के लिए सात टनलों और पांच पुलों का निर्माण होना है।
एक साल में सभी पुल और टनल का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद ट्रैक बिछना शुरू हो जाएगा। ट्रैक बिछाने के लिए रेल विकास निगम लिमिटेड ने 650 करोड़ का टेंडर भी जारी कर दिया है। हिमाचल की पहली बड़ी रेल परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए निगम ने जोर-शोर से काम शुरू कर दिया है। इसके लिए जहां पंजाब और हिमाचल में टनलों का काम शुरू हुआ है, वहीं धरोट में ब्रिज नंबर चार का काम भी शुरू हो गया है। टनलों-पुलों के निर्माण के बाद रेलवे लाइन बिछाने के लिए लेवलिंग करेगा।
रेल लाइन पंजाब के नौ और हिमाचल के कुल 11 गांवों से होकर गुजरेगी। इसके लिए रेलवे भू अर्जन अधिकारी ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। श्री नयना देवी विधानसभा क्षेत्र के कुछेक गांवों को छोड़कर बामटा तक अधिग्रहण के सारे दस्तावेज तैयार हैं। बुधवार को सदर विधानसभा क्षेत्र के कुछ गांवों के लोगों को राजस्व विभाग 22 करोड़ की अधिग्रहण राशि वितरित करेगा।
32 किमी का अधिग्रहण पूरा, बीबीएमबी की जमीन का मिला एनओसी
भानुपल्ल्ली-बैरी रेल लाइन के निर्माण के लिए बिलासपुर में 52 किलोमीटर पर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है, जिसमें से 32 किलोमीटर पर अधिग्रहण किया जा चुका है। बाकी की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसी के तहत 303 बीघा भूमि के लिए बीबीएमबी का एनओसी मिल गया है। वन विभाग के एनओसी पर भी कार्य किया जा रहा है। अगर निर्माण कार्य इसी गति से चलता रहा तो चार साल में बिलासपुर तक रेल पहुंच जाएगी।
- राजेश्वर गोयल, उपायुक्त बिलासपुर
रेलवे लाइन के लिए टी-1, टी-2 टनल की लंबाई करीब 1422 मीटर है। टी-4 की लंबाई 745 मीटर व टी-5 की लंबाई करीब 670 मीटर है, जिनका काम चल रहा है। टनलों का काम पूरा करने के लिए दो साल का समय दिया गया है। आगामी एक साल में इसे पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- उपेंद्र ठाकुर, साइट इंजीनियर रेलवे लाइन