भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन के चौथे फेज में ट्रैक के लिए कटने वाले पेड़ों की गिनती कुड्डी बीट तक पूरी कर ली गई है। राजस्व विभाग ने बध्यात से आगे रेवेन्यू मैपिंग का काम शुरू कर दिया है। बरमाणा से 500 मीटर पीछे तक स्पॉट सर्वे का कार्य भी पूरा हो चुका है। राजस्व विभाग का दावा है कि आगामी दो माह में मैपिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। वन विभाग भी ढाई माह में पेड़ों की गिनती पूरी कर चौथे फेज की क्लीयरेंस के लिए आवेदन करेगा।
भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण सर्वे अंतिम चरण में है।
भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन के चौथे फेज में ट्रैक के लिए कटने वाले पेड़ों की गिनती कुड्डी बीट तक पूरी कर ली गई है। राजस्व विभाग ने बध्यात से आगे रेवेन्यू मैपिंग का काम शुरू कर दिया है। बरमाणा से 500 मीटर पीछे तक स्पॉट सर्वे का कार्य भी पूरा हो चुका है। राजस्व विभाग का दावा है कि आगामी दो माह में मैपिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। वन विभाग भी ढाई माह में पेड़ों की गिनती पूरी कर चौथे फेज की क्लीयरेंस के लिए आवेदन करेगा।
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भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण सर्वे अंतिम चरण में है। राजस्व विभाग ने बरमाणा से करीब 500 मीटर पीछे तक स्पॉट सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है। सदर विस क्षेत्र के बग्गड़ी गांव तक रेवेन्यू मैपिंग का कार्य भी पूरा हो चुका है। लेकिन इसके साथ लगते खतेड़ और निचली भटेड़ में लोगों ने बड़े स्तर पर जमीन की खरीद फरोख्त की है।
कई जगह तो दो खसरा नंबर एक ही खसरा नंबर में डाले गए हैं। एसीसी कॉलोनी में सड़क और बिजली के टावर लगाने के लिए अधिग्रहण की गई जमीन का भी रिकॉर्ड मैच नहीं हो पा रहा है। इस रिकॉर्ड को दुरुस्त करना राजस्व विभाग के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के बाद बग्गड़ी के आगे की मैपिंग पूरी की जाएगी। इसके लिए करीब दो माह का समय और लगेगा।
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आगामी दो माह में रेललाइन के अंतिम प्वाइंट तक रेवेन्यू मैपिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सदर विस क्षेत्र के बग्गड़ी गांव तक रेवेन्यू मैपिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। विभाग आगे की मैपिंग पूरी करने के लिए कार्य कर रहा है ताकि इस ट्रैक के लिए भूमि का अधिग्रहण कार्य जल्द पूरा किया जा सके। - रामेश्वर, एसडीएम बिलासपुर
वन विभाग ने रेललाइन निर्माण के लिए चौथे फेज में कुड्डी बीट तक पेड़ों की गिनती पूरी कर ली है। उसके आगे आगामी ढाई माह में गिनती पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद पेड़ों की मार्किंग की जाएगी। मार्किंग के बाद इसे मंजूरी के लिए देहरादून भेजा जाएगा। - अवनी भूषण रॉय, डीएफओ बिलासपुर