स्नातकों को बधाई देते हुए प्रो. एलएम पटनायक ने स्वामी विवेकानंद के हवाले से कहा कि आपको अंदर से बाहर की तरफ बढ़ना होगा। तुम्हें कोई नहीं सिखा सकता, कोई तुम्हें आध्यात्मिक नहीं बना सकता। कोई दूसरा शिक्षक नहीं है, बल्कि आपकी अपनी आत्मा है। उन्होंने कहा कि टैलेंट आपको चोटी तक ले जा सकता है, लेकिन वहां पर टिकने के लिए मेहनत और लगन जरूरी है। सफलता के लिए जोखिम लेना जरूरी है। ग्रेजुएट होने के बाद भी सभी चीजों से सीखते रहना ही वास्तव में पढ़ा लिखा होना है।
इन्हें मिलीं डिग्रियां
कंप्यूटर साइंस में 25 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें चारवी जैन, आकाश मोहंती, जसप्रीत कौर, समृद्धि गुप्ता, निकिता, मिलन कुमार, राहुल, राजेश, पार्थ, संदीप, नवनीत, प्रशांत, अभिनव, राजीव रंजन, रोशन, संजीव, सेठी कुणाल, पायल पांडे, रजत, रत्न प्रसाद, मोहित शर्मा, आनंत कुमार, शहरयार, बिशन लाल, राघव शर्मा शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्यूनिकेशन विभाग के 16 विद्यार्थियों को डिग्रियां मिलीं, जिनमें सौरभ यादव, दीपांशु, बाला जी सिंह , तान्या, साहिल, रजत झा , अरुनव गांधी , दीपांशु , निखिल, आदित्य, आशीष , नैंसी चौहान , रवि प्रकाश , सुदर्शन सिंह , उत्कर्ष वाजपेयी, हर्षित कुमार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्यूनिकेशन विभाग के 2014-18 बैच के पुखराज सैणी को भी डिग्री प्रदान की। जबकि कंप्यूटर साइंस विभाग में निकिता मित्तल को गोल्ड, पार्थ गंभीर को सिल्वर तथा पायल पांडे को कांस्य मेडल प्रदान किया। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्यूनिकेशन विभाग के साहिल शर्मा को गोल्ड, तान्या को सिल्वर तथा अरुनव गांधी को कांस्य मेडल प्रदान किया गया।