पंजाब यूनिवर्सिटी को वित्तीय संकट से उबारने के लिए कारपोरेट क्षेत्र की मदद लेनी होगी। साथ ही निजी भागीदारी भी बढ़ानी होगा। यह बात पीयू में आयोजित एनुअल ग्लोबल एलुमनी मीट के समापन पर शुक्रवार को देश दुनिया से आए विशेषज्ञों ने पैनल डिस्कशन में कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए फैकल्टी भी गुणवत्तायुक्त लेनी होगी और स्टूडेंट्स का चयन भी उसी के अनुरूप करना होगा।
माई विजन ऑफ पीयू 2025 विषय पर पैनल डिस्कशन हुआ। लोक प्रशासन विभाग से प्रो. रमनजीत के जौहल, डॉ. सुमन बाला बेरी, डॉ. नीलम मान सिंह, डॉ. बीएस बरार, प्रो. आईबीएस बस्सी, डॉ. केके भसीन, डॉ. कमलेश मोहन ने विषय पर प्रकाश डाला। पीयू के शुरुआत से लेकर अब तक के काल को याद किया और भविष्य में इसे ऊंचाइयों पर ले जाने के रास्ते निकाले गए। विशेषज्ञों ने कहा कि अंत: विषय दृष्टिकोण संस्थागत होना चाहिए।
विश्वविद्यालय को अपने विचार के साथ आगे बढ़ना चाहिए। सामाजिक दृष्टिकोण भी ध्यान में रखना होगा। उन्होंने समावेशी दृष्टि पर भी फोकस किया। यह भी कहा कि महिलाओं के अनुकूल और सुरक्षित वातावरण तैयार करना होगा। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। शिक्षण, रिसर्च से लेकर प्रशासनिक कार्यों पर अधिक ध्यान देना होगा।
मीडिया में करिअर विकल्प पर मंथन
ग्लोबल एलुमनी मीट के अंतर्गत कम्युनिटी रेडियो स्टेशन, ज्योतिर्गमया 91.2 मेगाहर्ट्ज के स्टूडियो में स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन स्टडीज ने मीडिया में कैरियर विकल्प विषय पर पैनल डिस्कशन रिकॉर्ड किया। डीपीआर पीयू रेनुका बी सलवान, हरदीप चांदपुरी, योजना यादव ने विचार रखे। डीपीआर रेनुका बी सलवान ने जनसंपर्क के विभिन्न रंगों और पहलुओं को बताया। साथ ही एक जनसंपर्क अधिकारी को सक्रिय रहने की जरूरत पर प्रकाश डाला।
मंच पर पहुंचते ही जवां हो गए बुजुर्ग स्टूडेंट्स, मिला सम्मान
पीयू के अवार्ड सेरेमनी कार्यक्रम में पुराने विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। जैसे ही वह मंच पर पहुंचे तो जवां हो उठे। उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। साथ ही अपने अपने विभागों में भी यह पुराने विद्यार्थी पहुंचे। इससे पहले उन्हें सम्मानित किया गया। पीयू के पूर्व वीसी प्रो. आरसी सोबती को बायोलॉजी के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने पर सम्मानित किया गया।
प्रो. ओम नारायण भार्गव को भूविज्ञान के क्षेत्र के लिए, प्रो. सत्यव्रत शास्त्री को संस्कृत शोध के लिए, डॉ. पवन के. बंसल को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए, प्रो. वीना टंडन को जूलॉजी क्षेत्र के लिए, प्रो. सुदेश कौर खंडूजा को गणित के क्षेत्र में, पदम श्री गुलशन राय को भाषा के क्षेत्र में, प्रो. मनजीत कौर को भौतिकी क्षेत्र के लिए, प्रो. पीके खोसला को वानिकी क्षेत्र के लिए, प्रो. अक्षय आनंद को न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर सम्मानित किया गया। इससे पहले सुबह पौधारोपण कार्यक्रम हुआ।
साउथ व नॉर्थ कैंपस में एलुमनी ने पौधे लगाए। 22 पौधे लगाए गए। पौधरोपण की शुरुआत प्रो. सत्यव्रत शास्त्री ने की। दिन में गुरु नानक देव की शिक्षाओं पर भी व्याख्यान हुआ। पूर्व सांसद त्रिलोचन सिंह, पंजाब विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर बीर देविंदर सिंह, अनिल मोंगा, प्रो. भूपिंदर सिंह भूप ने विचार रखे। इस अवसर पर कार्यवाहक वीसी प्रो. शंकरजी झा, रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह ने भी विचार रखे। डीन पूर्व छात्र संबंध प्रो. दीप्ति गुप्ता ने सभी का आभार जताया। डॉ. प्रभदीप बराड़, परीक्षा नियंत्रक प्रो. परविंदर सिंह, प्रो. जगबीर सिंह आदि रहे।