चंबा जिले के दो बीट अफसरों ने दिल्ली में जाकर साइबर क्राइम और फोरेंसिक पर विशेष प्रशिक्षण हासिल किया है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर की तरफ से राष्ट्रीय स्तरीय दस दिवसीय प्रशिक्षण लगाया गया। हिमाचल से इस कार्यशाला में भाग लेने वाले ये दोनों बीट अफसर चंबा जिले के हैं।
वन विभाग के बीट अफसर अब अवैध कटान और वन्य प्राणी के अवैध शिकार के मामले में फोरेंसिक एक्सपर्ट की तरह जांच करेंगे। इसके लिए चंबा जिले के दो बीट अफसरों ने दिल्ली में जाकर साइबर क्राइम और फोरेंसिक पर विशेष प्रशिक्षण हासिल किया है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर की तरफ से राष्ट्रीय स्तरीय दस दिवसीय प्रशिक्षण लगाया गया। हिमाचल से इस कार्यशाला में भाग लेने वाले ये दोनों बीट अफसर चंबा जिले के हैं। बीट अफसर सुनील और जितेंद्र कुमार ने कार्यशाला में भाग लिया।
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उन्हें बताया गया कि किस प्रकार अपराधी को पकड़ा जा सकता है। इसके अलावा फोरेंसिक जांच से जरूरी साक्ष्य जुटाकर घटनास्थल से आरोपी तक कैसे पहुंचा जा सकता है। इसके बारे में सभी प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी गई। चंबा में प्रदेश में सबसे ज्यादा देवदार के घने जंगल मौजूद हैं। इसके अलावा विलुप्त प्रजाति के वन्य जीव भी इन जंगलों में विकसित हो रहे हैं। ऐसे में देवदार के अवैध कटान और जंगली जानवरों के शिकार का खतरा भी अधिक रहता है। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने इस कार्यशाला के लिए बीट अफसरों का चयन किया।
वनमंडलाधिकारी चंबा अमित शर्मा ने बताया कि चंबा से दो बीट अफसरों को कार्यशाला के लिए दिल्ली भेजा गया था। भविष्य में जिले के जंगलो में अवैध कटान और अवैध शिकार की जांच में ये बीट अफसर अहम भूमिका निभाएंगे।