ब्यास नदी फंसे 55 लोगों को सुरक्षित निकाला
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हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के पौंग डैम के छोड़े गए पानी से उपमंडल फतेहपुर में मंड क्षेत्र के 15 गांवों में बाढ़ आ गई। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम ने आसपास के क्षेत्रों से 60 लोगों को सुरक्षित निकाला। बांध से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण क्षेत्र में गन्ना, मक्का और धान की फसल तबाह हो गई है। जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों में लगातार रेस्क्यू टीमों को तैनात किया है। सोमवार रात को भी बचाव टीमों ने कई लोगों को जलभराव से बाहर निकाला था। इंदौरा उपमंडल के घंडरा और मियाणी में ब्यास नदी में फंसे करीब 55 लोगों को नौ घंटे चले बचाव अभियान के बाद एनडीआरएफ की टीम ने सोमवार रात को सुरक्षित निकाला।
वहीं, मंड बहादपुर में पानी में फंसे सात में से पांच लोग भी सुरक्षित निकाले गए। एनडीआरएफ ने रात करीब 10:30 बजे बचाव अभियान शुरू किया था। यह अभियान सुबह 5:00 बजे तक चला। उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निुपण जिंदल ने बताया कि पंडोह डैम से पानी छोड़े जाने के कारण पौंग डैम का जलस्तर बढ़ा है। मंगलवार को पौंग डैम से स्पिलवे के सभी छह गेटों के माध्यम से 6.4 फीट तक पानी छोड़ा गया है। ये गेट सात फीट तक खोले जा सकते हैं। इसके चलते निचले क्षेत्रों में जलभराव से बाढ़ की आशंका बन गई है। पौंग बांध से मंगलवार रात आठ बजे तक रिस्टोर लेवल 1373 फीट था, जबकि इनफ्लो 55,923 क्यूसिक रहा। मंगलवार को पावर हाउस और स्पिलवे के माध्यम से 33,340 क्यूसिक पानी छोड़ा गया है।