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Kangra News: पौंग बांध से छोड़ा पानी, 15 गांवों में आई बाढ़, 60 लोगों को सुरक्षित निकाला

Tue, 18 Jul 2023 09:19 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर (कांगड़ा)/धर्मशाला

सार

कांगड़ा के पौंग डैम से छोड़े गए पानी से उपमंडल फतेहपुर के मंड क्षेत्र में 10 से 15 गांवों में बाढ़ आ गई। बांध से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण फसलें पूरी तरह डूब गई हैं।
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ब्यास नदी फंसे 55 लोगों को सुरक्षित निकाला - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के पौंग डैम के छोड़े गए पानी से उपमंडल फतेहपुर में मंड क्षेत्र के 15 गांवों में बाढ़ आ गई। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम ने आसपास के क्षेत्रों से 60 लोगों को सुरक्षित निकाला। बांध से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण क्षेत्र में गन्ना, मक्का और धान की फसल तबाह हो गई है। जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों में लगातार रेस्क्यू टीमों को तैनात किया है। सोमवार रात को भी बचाव टीमों ने कई लोगों को जलभराव से बाहर निकाला था। इंदौरा उपमंडल के घंडरा और मियाणी में ब्यास नदी में फंसे करीब 55 लोगों को नौ घंटे चले बचाव अभियान के बाद एनडीआरएफ की टीम ने सोमवार रात को सुरक्षित निकाला।

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वहीं, मंड बहादपुर में पानी में फंसे सात में से पांच लोग भी सुरक्षित निकाले गए। एनडीआरएफ ने रात करीब 10:30 बजे बचाव अभियान शुरू किया था। यह अभियान सुबह 5:00 बजे तक चला। उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निुपण जिंदल ने बताया कि पंडोह डैम से पानी छोड़े जाने के कारण पौंग डैम का जलस्तर बढ़ा है। मंगलवार को पौंग डैम से स्पिलवे के सभी छह गेटों के माध्यम से 6.4 फीट तक पानी छोड़ा गया है। ये गेट सात फीट तक खोले जा सकते हैं। इसके चलते निचले क्षेत्रों में जलभराव से बाढ़ की आशंका बन गई है। पौंग बांध से मंगलवार रात आठ बजे तक रिस्टोर लेवल 1373 फीट था, जबकि इनफ्लो 55,923 क्यूसिक रहा। मंगलवार को पावर हाउस और स्पिलवे के माध्यम से 33,340 क्यूसिक पानी छोड़ा गया है।
 

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केंद्र को भेजा जाएगा ब्यास नदी के तटीकरण का नया प्रपोजल
 मनाली के पलचान से लेकर औट तक ब्यास नदी का तटीकरण किया जाएगा। जिससे ब्यास नदी से खतरा कम किया जा सके। प्रदेश सरकार जल्द ही केंद्र सरकार को एक नया प्रपोजल भेजेगा और इसकी मंजूरी प्रदान करने के केंद्र को अपील की जाएगा। केंद्रीय जलशक्ति विभाग के साथ पीएम मोदी को इस समस्या से अवगत करवाया जाएगा। यहा बात कुल्लू में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कही। उन्होंने कहा कि 2010-11 को भी 1650 करोड़ की प्रपोजल भेजी गई थी। कहा कि ब्यास नदी लगातार मनाली से लेकर औट तक भारी नुकसान कर रही है। ऐसे में जलशक्ति विभाग की ओर से नदी के तटीकरण के लिए नया प्रपोजल केंद्र को भेजा जाएगा।

उन्होंने बरसात की बाढ़ से सूबे में हुए भारी नुकसान के लिए केंद्र सरकार से मदद की मांग की है। कहा कि जो राशि अभी मिली है वह एक रेगुलर किस्त है। इस तरह की राशि सभी राज्यों को दी है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय टीम बरसात व बाढ़ से हुए नुकसान के आंकलन के लिए आ रही है। उन्हें उम्मीद है कि केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार प्रदेश को जल्द नुकसान की राशि भेजेगी। उन्होंने का कि प्रदेश आर्थिक रूप से मजबूत नहीं है और केंद्र हर वक्त केंद्र की मदद की जरूरत रहती है।
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