पंचायतों में विकास कार्यों के लिए निर्माण सामग्री की खरीद को लेकर पंचायत प्रधान ही टेंडर करेंगे। शुक्रवार को प्रदेश सरकार ने इसे लेकर स्पष्टीकरण जारी कर दिया। मुख्यमंत्री ने पुरानी व्यवस्था लागू रखने का एलान करते हुए 5 अप्रैल की अधिसूचना को विड्रॉल करने की बात कही थी। लेकिन दो दिन बाद भी इस पर कोई फैसला नहीं हो पाया। शुक्रवार को सरकार ने पुरानी व्यवस्था के तहत ही टेंडर लगाने और अगले निर्देशों तक यथा स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव राजेश शर्मा की ओर से शुक्रवार को इसे लेकर सभी मंडलीय आयुक्तों, जिला उपायुक्तों, एडीसी/एडीएम, विभाग के कार्यकारी अभियंता, जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी, खंड विकास अधिकारी और ग्रामीण विकास विभाग के सहायक अभियंताओं को इसे निर्देश जारी कर दिए गए।
यह है मामला
भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए सरकार ने 5 अप्रैल को पंचायत स्तर पर निर्माण सामग्री की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के स्तर पर करने के निर्देश दिए थे। लेकिन 22 अप्रैल को सैकड़ों की संख्या में पंचायत प्रधान शिमला पहुंचे और सचिवालय में मुख्यमंत्री से पुरानी व्यवस्था बहाल रखने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने भी पंचायत प्रतिनिधियों के आग्रह पर निर्माण सामग्री की खरीद के टेंडर पंचायत स्तर पर प्रधानों द्वारा ही लगाने का आश्वासन दिया था।