बीसीसीआई सचिव एवं एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा कि खेल को राजनीति से न जोड़ा जाए। धर्मशाला में वर्ल्ड कप टूर्नामेंट हो रहा है। यह पाकिस्तान के साथ कोई घरेलू सीरीज नहीं हो रही है। पाकिस्तान के साथ घरेलू सीरीज का सबसे पहले मैंने ही विरोध किया था, लेकिन अब वर्ल्ड टूर्नामेंट होने रहा है।
इसमें दुनिया भर की टीमें हिस्सा लेंगी। ऐसे में राजनीति कर भारत-पाक मैच का विरोध करना सही नहीं है। वर्ल्ड टूर्नामेंट का मैच होने देना चाहिए। भारत-पाकिस्तान मैच करने देना है या नहीं, यह हिमाचल सरकार को तय करना है, लेकिन विश्व कप का मैच न होने से इसका नुकसान हिमाचल को ही होगा।
अगर मैच नहीं होता है तो अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए धर्मशाला स्टेडियम पर 10 साल के लिए बैन लग जाएगा। ऐसे में इसका नुकसान हिमाचल के पर्यटन और क्रिकेट प्रेमियों को ही होगा।
वर्ल्ड कप के मैच लाना आसान नहीं होता। कड़ी मेहनत के बाद धर्मशाला को टूर्नामेंट के कई मैच मिले हैं। इसलिए, अब सरकार को सोचना है कि उसे क्या करना है। खेल पर राजनीति किसी भी सूरत में नहीं होनी चाहिए।
प्रदेश सरकार चाहे तो कराए मैच- एचपीसीए अध्यक्ष व बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर धर्मशाला में पाकिस्तान के साथ मैच करवाने को लेकर अडिग हैं। उन्होंने कहा कि बतौर एचपीसीए अध्यक्ष उन्होंने प्रदेश सरकार के समक्ष अपनी बात कह दी है। अब यह निर्णय सरकार को लेना है कि धर्मशाला में मैच हो या नहीं।
अनुराग ने कहा कि उन्होंने एचपीसीए और बीसीसीआई का पक्ष बाकायदा मुख्यमंत्री के समक्ष रख दिया है। उन्होंने दोहराया कि यह आईसीसी द्वारा तय किया गया अंतरराष्ट्रीय मैच है, जिसमें एचपीसीए की भूमिका सिर्फ मेजबानी की है। लिहाजा इसका विरोध किसी भी तरीके से तर्कसंगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर शहीदों का मान सम्मान करते हैं। खेल में राजनीति हो रही है, जो ठीक नहीं। बकौल अनुराग कुछ लोग इस खेल की आड़ में अपने हित साधने की फिराक में हैं। जो बिल्कुल ठीक नहीं। इस विरोध का नतीजा यह होगा कि हिमाचल को इससे बड़ा नुकसान हो सकता है।