फायर ऑफिसर करतार सिंह ने माना कि अगर समय रहते इस भयंकर अग्रिकांड पर काबू न पाया जाता तो मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र के साथ लगते अन्य उद्योगों में भारी तबाही हो सकती थी। उन्होंने कहा दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत के चलते तबाही होने से बचा लिया गया।
शो पीस की तरह था फायर सिलेंडर
इतने बड़े उद्योग में जहां बेहद जोखिमपूर्ण कार्य होता है वहां पर महज आग बुझाने के लिए महज एक फायर सिंलेडर लगा रखा था। उससे भी हैरत की बात यह कि उद्योग में कार्यरत किसी भी श्रमिक को इस सिलेंडर के प्रयोग की कोई जानकारी नहीं है। करतार सिंह के मुताबिक फायर सिलेंडर तो महज शो पीस की तरह लगा रखा था।
कुछ दिनों पूर्व ही तैयार माल की कर दी गई सप्लाई
सूत्रों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ही तैयार माल की सप्लाई भेज दी गई थी अन्यथा नुकसान ज्यादा हो सकता था। गुरूवार दोपहर करीब तीन बजे दिल्ली से मैहतपुर उद्योग में पहुंचे मालिक नरेंद्र शर्मा, सुरेश कुमार तथा नितिन कुमार ने बताया कि आकलन के अनुसार 2.5 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है।