हिमाचल के हमीरपुर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ब्याड़ की छात्रा ईशा कुमारी ने थर्मोकोल से गोंद और पॉलीथिन से पेट्रोल बना दिया। बाल स्कूल हमीरपुर में बाल विज्ञान सम्मेलन में अध्यापक नरेदव राणा की देखरेख में बेस्ट टू वेल्थ विषय पर मॉडल प्रदर्शित किया। ईशा का मॉडल जिला स्तर पर दूसरे स्थान पर रहा। ईशा ने बताया कि करीब 80 फीसदी इलेक्ट्रॉनिक सामान की पैकिंग थर्मोकोल में होती है। अधिक से अधिक थर्मोकोल को कम से कम ऐसीटासेन में घोला जा सकता है।
वहीं, कम से कम पेट्रोल में थर्मोकोल को घोल कर गोंद में परिवर्तित किया जा सकता है। इसे दीवारों की दरारें भरने और टूटी सामग्री को जोड़ने में प्रयोग लाया जा सकता है। ईशा ने अपने मॉडल में पॉलीथिन को पिघलाकर उसे ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में गर्म कर और उससे निकली गैसों को विभिन्न चैंबरों में ठंडा कर पॉलीथिन बेस्ड पेट्रोल का निर्माण किया। शेष बची गैसों को एलपीजी की तरह खाना बनाने के लिए प्रयोग किया जा सकता है। मॉडल में सीवरेज पानी को इको 50 व इको 20 हर्बल पदार्थों द्वारा शुद्धिकरण कर उसे घरेलू कार्यों के लिए प्रयोग किया।