कहती हैं कि उनकी जिंदगी में सोशल मीडिया के लिए कोई स्पेस नहीं है। सोशल मीडिया वास्तविकता की बजाय इंसान को आभासी दुनिया में कैद कर लेता है। स्वस्थ मन और शरीर के लिए संतुलित आहार जरूरी है। इसके लिए उनकी मां ने पूरा ख्याल रखा।
बताया कि प्रतिशतता के मुताबिक अब उन्हें देश के सबसे बेहतर संस्थानों में प्रवेश मिलेगा। पहली कोशिश है कि ग्राफिक डिजाइन के लिए एनआईडी में जाऊं या फिर सेंट स्टीफन से अंग्रेजी विषय में आगे पढ़ाई जारी रखूं।
मां चारु प्रार्थी बेटी की कामयाबी से बेहद खुश हैं। कहा कि मेहनत और लगन के दम पर छोमो ने इस कामयाबी को हासिल किया है। छोमो के चाचा पूर्व जिप उपाध्यक्ष रिगजिन हायरपा ने कहा कि सोनम की कामयाबी ने देश भर के जनजातीय बेटियों को नई ऊर्जा देने का काम किया है।