हिमाचल के जिला हमीरपुर की बेटी ने आईआईटी दिल्ली में शोध पत्र पढ़कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। अणु की रहने वाली शिखा शर्मा इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में भाग लेने वाली उत्तर भारत से अकेली शोधार्थी रहीं। इससे पहले वह रिसर्च आइडोलॉजी विषय पर विश्व भर के वैज्ञानिकों से वार्तालाप कर चुकी हैं।
वर्तमान में पीजीआई चंडीगढ़ से मेडिसन बायोटेक्नोलॉजी में पीएचडी कर रही हैं। शिखा शर्मा ने सीएसआईआर नेट परीक्षा में देशभर में 12वां स्थान भी हासिल किया है। 10 से 20 जुलाई तक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) दिल्ली के सुपर कम्प्यूटिंग फैसिलिटी फॉर बायोइनफॉरमेटिक्स एंड कंप्यूटेशनल बायोलॉजी विभाग में फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के सौजन्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यह वर्कशॉप बायोइनफॉरमेटिक्स वर्कशॉप जेनोमिक्स, प्रोटीयोमिक्स, ड्रग डिजाइन एंड हाई परफॉरमेंस कम्पयूटिंग विषय पर आधारित थी। कार्यशाला में प्रोफेसर बी जायाराम ने समन्वयक की भूमिका निभाई। साथ एफआईटीटी आईआईटी दिल्ली के प्रबंध निदेशक डा. ए बाली भी मौजूद रहे।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में शिखा ने बताया कि इस वर्कशॉप में देशभर के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के 25 शोधार्थियों और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी समेत विदेशों के विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र पढ़े और विचार रखे। वर्कशॉप में बीमारियों का पता लगाना, जीन लेवल और प्रयोगशाला में बीमारियों पर होने वाले शोध कार्यों को एडवांस तकनीक से करने आदि बिंदुओं पर चर्चा हुई।