राधा की कामयाबी पर माता विद्या देवी के खुशी के आंसू छलक पड़े। चार भाई बहनों में राधा तीसरे नंबर पर हैं। इनकी माता विद्या देवी ने बताया कि दसवीं कक्षा पास होने पर राधा ने मेडिकल साइंस में प्रवेश की जिद पिता से की तो उन्होंने पढ़ाई का खर्च वहन न कर पाने की बात कही। एक दिन राधा ने अपनी मां से मेडिकल साइंस में पढ़ने की अपनी जिद पूरी करवा ली।
वह बेटी की फीस के लिए दिन-रात काम करती रहीं। पति की पेंशन इतनी कम थी कि बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च चलना असंभव था। बेटी की पढ़ाई के लिए विद्या देवी ने शिलाई स्थित मकान को किराये पर दिया। एक दुकान भी खोली।