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प्रफुल्ल को अदम्य साहस के लिए पीएम मोदी ने नवाजा

Tue, 24 Jan 2017 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सरकाघाट (मंडी)
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकाघाट के बरच्छवाड़ पंचायत के आठवीं कक्षा के छात्र प्रफुल्ल शर्मा को अदम्य साहस के लिए राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से नवाजा है। बहादुर प्रफुल्ल को सम्मान बीस बच्चों की जान बचाने के वीरतापूर्ण कार्य के लिए मिला है।  68वें गणतंत्र दिवस से पहले सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। प्रफुल्ल की उम्र महज पौने 11 वर्ष है। इस मौके पर उनके पिता नरेश कमल भी उनके साथ मौजूद रहे। 
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पुरस्कार लेने के बाद अमर उजाला से विशेष बातचीत में प्रफुल्ल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री से पुरस्कार लेना अपने आप में अनोखा अनुभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लिए सेवा इसी तरक के साहसपूर्ण करने की सीख दी है। वहीं, प्रफुल्ल के पिता नरेश कमल ने कहा कि बेटे को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने से परिवार में खुशी का माहौल है। बेटे ने मंडी व प्रदेश का नाम देशभर में रोशन किया है। यह उनके लिए गर्व की बात है। 

जानकारी के अनुसार प्रफुल शर्मा ने 13 दिसंबर को 2015 को अनियंत्रित बस को लगाकर ब्रेक लगाकर 20 बच्चों की जान बचाई थी। प्रफुल्ल शर्मा पुत्र नरेश कमल निवासी गांव बरच्छवाड़ लॉर्ड कान्वेंट स्कूल सरकाघाट का आठवीं कक्षा का छात्र हैं। 12 दिसंबर 2015 को प्रफुल्ल स्कूल शिक्षकों व अन्य सहपाठियों के साथ शैक्षणिक भ्रमण पर धर्मशाला गया था।
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वह 13 दिसंबर को धर्मशाला से वापस लौट रहा था। एनएच 70 मैहतपुर-मनाली पर धर्मपुर से महज चार किमी दूर शिवदवाला नामक जगह पर बस चालक ने बस रोकी। यहां पर चालक, अभिभावक व शिक्षक तथा कुछ बच्चे चाय पीने के लिए बस से उतर गए। लेकिन, प्रफुल्ल व अधिकतर बच्चे बस में बैठे रहे।

इतने में अचानक बस अपने आप चल पड़ी। जिससे बस में बैठे बच्चों में हड़कंप मच गया। प्रफुल्ल ने साहस व बुद्धिमता दिखाते हुए ड्राईवर की सीट तक पहुंच कर ब्रेक लगाकर बस को रोक दिया। बस सोन खड्ड पर बने पुल से कुछ ही दूरी पर रूक गई। यदि प्रफुल्ल बस को नहीं रोकता तो यह बस पुल से नीचे गिर सकती थी। प्रफुल्ल की बुद्धिमता से बड़ा हादसा होने से टल गया। प्रफुल्ल के पिता नरेश कमल शारीरिक शिक्षक के तौर सरकाघाट क्षेत्र में सरकारी स्कूल में सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, माता अनुवाला गृहणी हैं।
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