इस एशियन स्तर की चैंपियनशिप में भारतीय महिला टीम ने पांचवां स्थान पाया था। अपनी इसी खेल उपलब्धि के चलते वह पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के हाथों सम्मानित भी हो चुकी हैं।
एचएमवी कॉलेज जालंधर से स्नातक की डिग्री पूरी कर चुकी पारुल ने बताया कि गुवाहाटी में 22 से 27 अप्रैल तक होने वाले प्रेजिडेंशियल अंतरराष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में पहली मर्तबा अंपायर और स्कोरर के रूप में भाग लेंगी।
उन्होंने बताया कि इस खेल में आगे बढ़ने के लिए उनके पिता स्वर्गीय राजेश चौहान ने हमेशा प्रेरित किया। मां वैजयंती चौहान ने भी हर तरह से सहयोग किया। यदि सही मंच और सुविधा मिले, तो वे इन दोनों खेलों को
बढ़ावा देने में हमेशा सहयोग करने को तैयार रहेंगी। साथ ही अपने खेल में और सुधार कर भारतीय टीम की ओर से सॉफ्टबाल और बेसबाल में खेलकर देश को मेडल दिलवाना चाहती हैं।