उपमंडल के कठोगण निवासी पंकज ठाकुर (23) भारतीय अर्द्ध सैनिक बल में असिस्टेंट कमांडेंट चुने गए हैं। यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद उन्हें इस पद के लिए चुना गया है। इससे पहले पंकज ने छह बार एनडीए और सीडीएस की परीक्षा दी। हर बार साक्षात्कार से बाहर होना पड़ा।
पंकज ने हार नहीं मानी और अपने दादा से मिली प्रेरणा पर आगे बढ़ते हुए अब अर्धसैनिक बल में बतौर असिस्टेंट कमांडेंट कामयाबी हासिल की। पंकज के पिता जगदीश ठाकुर हिमाचल पुलिस में एएसआई हैं, जबकि माता रीता देवी गृहिणी हैं। बड़े भाई अनुपम ठाकुर भारतीय वायुसेना में गरुड़ कमांडो के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
पंकज के चचेरे भाई मनोज ठाकुर हिमाचल पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं। मनोज ठाकुर अपनी कविता ‘कश्मीर तो होगा लेकिन पाकिस्तान नहीं होगा’ से खासे चर्चित रहे हैं। पंकज के दादा भारतीय सेना से रिटायर हुए। उन्हें देखकर पंकज में भी देश सेवा का जज्बा बचपन से ही जाग गया था।