एन-95 मास्क को फिर से उपयोग में लाया जा सकेगा। दरअसल, साल 2016 में इनोवेशन स्टार्टअप में हिमाचल के जोगिंद्रनगर की बेटी भारती सिंगला ने अपने साथी कुशाग्र मिश्रा के साथ मिलकर एन 95 मास्क को पुन: प्रयोग में लानी वाली एक मशीन तैयार की है, जो कोरोना काल में काफी सहायक सिद्ध होने वाली है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी दिल्ली से 2015 में केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने वाली इस होनहार ने इस मशीन का नाम चक्र डिकोव रखा है। इस उपकरण के जरिये ओजोन गैस से इस्तेमाल से एन 95 मास्क का शुद्धीकरण किया जा सकेगा। खास बात यह है कि इस उपकरण से मास्क को डेढ़ घंटे के बाद पुन: उपयोग में लाया जा सकेगा।
इस तकनीक के तहत मास्क को दस बार प्रयोग किया जा सकता है। भारती ने बताया कि इस उपकरण की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलाजी (एएनआईवीए) पुणे में 30 अप्रैल से लेकर 30 जून के दौरान जांच की गई। इस मशीन को रेलवे और एयरपोर्ट में उपलब्ध करवाने की तैयारी चल रही है। बता दें कि भारती ने केमिकल तथा कुशाग्र ने 2017 में टेक्सटाइल टेकनोलाजी में बीटेक किया है। भारती सिंगला के पिता नरेश सिंगला जोगिंद्रनगर में निजी प्रैक्टिस करते हैं। जबकि उनकी माता अरुणा सिंगला बीएमओ लडभडो़ल के पद पर कार्यरत हैं।
ऑनलाइन दी प्रस्तुति, सकारात्मक परिणाम : राव
आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोण्वी रामगोपाल राव ने बताया कि साउथ इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन एसिटरा ने चक्र डिकोव द्वारा विसंक्रमित किए गए एन-95 मास्क जांच की है। परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे की मौजूदगी में इस उत्पाद को ऑनलाइन प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर राज्य सभा सदस्य और सर्जन डॉ. विकास महात्मे भी मौजूद रहे। इसके सकारात्मक परिणाम रहे हैं।
तीन से आठ लाख रुपये तक है मशीन की कीमत
भारती के अनुसार चक्र डिकोव को खासतौर पर निजी अस्पतालों के लिए बनाया गया है। निकट भविष्य में इसे रेलवे, एयरपोर्ट तथा अन्य संस्थानों में उपलब्ध करवाया जाएगा। मशीन की कीमत 3 से 8 लाख रुपये के बीच होगी।