देश सेवा का जज्बे में मृगांक सोनी ने पांच लाख रुपये की नौकरी का ऑफर ठुकरा दिया और सेना में जाने का फैसला लिया। अब आईएमए देहरादून में पासिंग आउट परेड में मृगांक सोनी के कंधों पर लगे तमगों को परिजनों ने चूमा। मृगांक सोनी के पिता वीके सोनी ने बताया कि सोलन स्थित जेपी विश्वविद्यालय में बीटेक कर रहे सोनी को कैंपस प्लेसमेंट के दौरान पांच लाख की नौकरी नोयडा की एक कंपनी में मिल गई।
सेना में जाने के जज्बे के कारण सोनी ने नौकरी का ऑफर ठुकरा दिया। मृगांक सोनी ने एलाइड की परीक्षा पास कर लेफ्टिनेंट का प्रशिक्षण हासिल किया। आईएमए देहरादून में सात दिसंबर को पासिंग आउट परेड में मृगांक सोनी लेफ्टिनेंट रैंक से नवाजा गया। मृगांक सोनी ने सफलता का श्रेय दादा नारायण दास सोनी, दादी निर्मल सोनी, नाना कैलाश कोमरोय, नानी ललिता कोमरोय, पिता वीके सोनी और माता सुमिता सोनी को दिया है।