रन अंगेस्ट ड्रग एब्युज को लेकर चंडीगढ़ में आयोजित पंजाब हाफ मैराथन में नाहन के तीन धावकों ने पंजाब में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाकर हिमाचल का नाम चमकाया। खास बात यह है कि तीनों एथलीटों का रिश्ता मां-बेटे और बेटी का है।
अपने दो छोटे बच्चों के साथ दौड़ी मां ने पंजाब में भी अपनी छाप छोड़ी। जी हां, नाहन कन्या स्कूल में इतिहास की प्रवक्ता सीमा परमार ने चंडीगढ़ में अपनी 11 साल की बेटी हर्षिता और साढ़े आठ साल के समर के साथ मैराथन में हिस्सा लिया।
24 सितंबर को चंडीगढ़ के सेक्टर एक स्थित क्लब से शुरू हुई 21 किलोमीटर की दौड़ में सीमा परमार ने तीसरा स्थान हासिल किया। पांच किलोमीटर की दौड़ में नाहन में छठी कक्षा में पढ़ने वाली हर्षिता ने भी तीसरा रैंक हासिल किया।
वहीं पांच किलोमीटर दौड़ स्पर्धा में चौथी कक्षा में पढ़ने वाले बेटे समर ने दूसरा स्थान हासिल किया। यही नहीं, 17 सितंबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित पिनकाथन में सीमा परमार व बेटी हर्षिता ने फिनिशर का अवार्ड हासिल किया।
पिनकाथन भारत की महिला मेराथन है, जिसमें महिलाएं और बच्चियां ही भाग ले सकती हैं। इससे पहले भी सीमा परमार देहरादून व शिमला के मशोबरा में आयोजित मेराथन में जिला सिरमौर का नाम रोशन कर चुकी हैं।
मां के साथ बच्चे भी दे रहे कड़ी परीक्षा
सीमा परमार ने बताया कि बच्चों में अभी से जीतने का जज्बा पैदा करना उनका मुख्य लक्ष्य है। इससे न केवल बच्चों में आत्मविश्वास पैदा होता है। बल्कि बच्चों में आगे बढ़ने की भी प्रेरणा मिलती है। इसके लिए बच्चों को कड़ी परीक्षा से गुजरना होता है। जेवलिन स्पर्धा में भी सीमा देश व विदेशों में सिरमौर का नाम चमका चुकी हैं।