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हिमाचल की बेटी मोना ने स्टार्टअप शुरू कर जंक फूड का विकल्प तलाशा

Tue, 23 Mar 2021 01:34 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
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मोना सिंह पालमपुर। - फोटो : अमर उजाला
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एमटेक के बाद मोहन मीकिन बड़ी कंपनियों में मोटी तनख्वाह की नौकरी छोड़ हिमाचल प्रदेश के पालमपुर की मोना सिंह ने जंक फूड की जगह हर्बल उत्पादों का विकल्प तलाशा है। फूड प्रोसेसिंग से जुड़े देश के उत्कृष्ट संस्थानों में शुमार निफ्टेम (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट) में एमटेक करने के बावजूद मोना सिंह ने आत्मनिर्भरता की राह चुनी। उन्होंने अपने स्टार्टअप में जंक फूड की जगह हर्बल उत्पादों का विकल्प लोगों के सामने रखा है। इसमें जंक फूड की तरह स्वाद होगा, लेकिन सेहत के लिए नुकसानदेह होने के बजाय सेहतमंद होगा।

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मोना अपने उत्पाद में आटा, गुड़, अश्वगंधा जैसे देशी एवं गुणकारी पदार्थों का इस्तेमाल कर रही हैं। ये हर्बल उत्पाद भूख मिटाने के साथ सेहत के लिए भी लाभदायक होंगे। नौकरीशुदा लोग और हॉस्टल में रहने वाले बच्चे कई बार भूख मिटाने के लिए जंक फूड का सहारा लेते हैं। जंक फूड सेहत के लिए काफी नुकसानदायक माना जाता है। पालमपुर की मोना सिंह ने हर्बल कुकीज स्टार्टअप शुरू किया है। इसमें स्वास्थ्य और स्वाद दोनों एक साथ परोसने की पेशकश है। मोना सिंह ने बताया कि किसी भी महिला की डिलीवरी के बाद उसे पौष्टिक तत्वों की जरूरत होती है।

पारंपरिक रूप से यह जरूरत सोंठ के लड्डू पूरा करते रहे हैं, लेकिन लोग पारंपरिक सोंठ के लड्डू बनाने की विधि भूलते जा रहे हैं। इस कारण डिलीवरी के बाद महिलाओं को पोषक तत्व नहीं मिल रहे हैं। मोना ने बताया कि जब वह खुद मां बनीं तो इस कमी को काफी करीब से महसूस किया। शुरुआत में यह कारोबार उत्तर भारत तक सीमित रहेगा। उसके बाद दक्षिण भारत की खानपान की पसंद पर पर्याप्त रिसर्च के बाद अपने उत्पाद समूचे भारत तक पहुंचाएंगी। मोना खुद आत्मनिर्भर होने के साथ अब 15 के करीब और लोगों को भी रोजगार देने लगी हैं।
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बेहतर गुणवत्ता के लिए सीएसआईआर से लिया सहयोग
मोना सिंह ने बताया कि वह पोषण और स्वाद के अलावा गुणवत्ता के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करना चाहतीं। इसलिए सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं में लगातार कई परीक्षण किए।

चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों ने दिखाई दिशा
मोना सिंह ने बताया कि मातृत्व के दौरान उन्होंने महिलाओं जरूरतों को काफी करीब से महसूस किया। तब उन्होंने निर्णय किया कि इस दौरान महिलाओं को जरूरी पोषण उपलब्ध होना चाहिए। इसके अलावा फास्ट फूड की बढ़ते बाजार और खतरों से भी वह काफी चिंतित थीं। यहीं से उन्हें हर्बल उत्पादों से जड़ा स्टार्टअप शुरू करने की प्रेरणा मिली।

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