प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील वर्कर की बेटी ने ब्रिक्स देशों की वॉलीबाल चैंपियनशिप में चीन में भारत का प्रतिनिधित्व कर न केवल कीर्तिमान स्थापित किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने का तमगा भी लगाया है।
चीन में 17 से 22 जून तक ब्रिक्स देशों की अंडर-20 महिला वॉलीबाल चैंपियनशिप हुई। इसमें हिमाचल के साई हॉस्टल धर्मशाला की मनीषा भारतीय टीम की सदस्य रहीं। हालांकि, टीम का चैंपियनशिप में चौथा स्थान रहा, लेकिन मनीषा ने टीम की ओर से रक्षा जोन में खेलकर अपने खेल का उम्दा प्रदर्शन किया है।
मनीषा ने साई के धर्मशाला स्थित छात्रावास में दो साल पहले ही प्रवेश पाया था। दो सालों के कड़े परिश्रम में ही मनीषा ने यह मुकाम हासिल किया है। शिमला के कोटगढ़ की मनीषा के पिता दयाल सिंह बीमार हैं, जबकि माता सुनीता देवी प्राइमरी स्कूल में मिड-डे मील वर्कर हैं।
मनीषा वर्तमान में डिग्री कॉलेज धर्मशाला में सोशियोलॉजी मेजर से बीए छठे सेमेस्टर की पढ़ाई कर रही हैं। इससे पूर्व मनीषा 2014 में पायका की नेशनल, दो बार कुरुक्षेत्र में इंटर यूनिवर्सिटी, यूथ नेशनल चैंपियनशिप, जूनियर नेशनल और सब जूनियर नेशनल में खेल चुकी हैं।
मनीषा के कोच प्रीतम सिंह चौहान ने बताया कि ब्रिक्स देशों की वॉलीबाल प्रतियोगिता से पहले देश भर की महिला वॉलीबाल खिलाड़ियों का ट्रायल हुआ था। इसमें साई हॉस्टल की तीन छात्राएं गईं।
इनमें मनीषा का चयन प्रतियोगिता के लिए हुआ। मनीषा ने अप्रैल 2015 में साई हॉस्टल में प्रवेश किया था। साई हॉस्टल धर्मशाला की प्रभारी निर्मल कौर ने मनीषा और वॉलीबाल कोच प्रीतम सिंह चौहान को बधाई दी है।