बिलासपुर में युवाओं को कराटे में आत्मरक्षा के गुर सिखाने वाले मनोज पटियाल नेशनल रेफरी बने हैं। इससे पहले वह किक बॉक्सिंग में नेशनल रेफरी के रूप में अपनी भूमिका निभा चुके हैं।
इसके अलावा वह राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल प्रदेश के कोच रह चुके हैं। इन सब उपलब्धियों के बाद मनोज को नेशनल रेफरी की कमान सौंपी गई है। हिमाचल से मनोज पटियाल के अलावा जिला मंडी से हंसराज भी नेशनल रेफरी चुने गए हैं।
मनोज बिलासपुर जिले की पंचायत करलोटी के गांव करलोटी के स्थायी निवासी हैं। 20 वर्षों से वह युवाओं को कराटे का प्रशिक्षण दे रहे हैं। 5 बार के वह नेशनल खिलाड़ी रहे हैं।
मनोज का कहना है कि आत्मरक्षा कला में कराटे एक ऐसा हथियार है कि अगर कोई सीख जाए तो वह खुद ही अपनी आत्म रक्षा कर सकता है। वह स्कूलों में छात्राओं को आत्म रक्षा के गुर देते हैं।