जिला स्तर पर नंगे पांव दौड़ कर सोना जीतने वाली हिमाचल के जिला मंडी की बैला पंचायत की कुसुम ठाकुर का चयन साई हॉस्टल धर्मशाला के लिए हो गया है। बिन कोच व असुविधाओं के अभाव में पथरीली राहों पर दौड़ने वाली जिले की बैला पंचायत के पिपलागलु गांव की कुसूम ने धर्मशाला में भी अपनी आखिर प्रतिभा लोहा मनवा ही लिया है। कुसुम ने तीन हजार मीटर की रेस में भाग लेकर हॉस्टल में अपनी जगह पक्की की है।
महज 11 वर्ष की उम्र में रेस शुरू करने वाली इस उड़नपरी को आखिर मंजिल तक पहुंचने की पहली सफलता मिल गई है। पिपलागलु गांव की कुसुम (14) ने जिलास्तरीय प्रतियोगिता में नंगे पांव दौड़ कर गोल्ड जीता था। कुसुम के पिता स्कूल बस चलाते हैं। उम्र कम होने के बावजूद भी कुसुम ने 11 वर्ष की उम्र में अंडर-15 प्रतियोगिता में जिद्द करके भाग लिया था। हालांकि, इस रेस में वह चौथे नंबर पर रही थी। लेकिन, यहीं से धावक बनने की रेस शुरू हुई।