जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के शिफ्टिंग गांव की कृष्णा टशी पालमो ने हिमाचल का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेंटिंग प्रदर्शनी से रोशन किया है। 18 जनवरी को कल्याणी एशिया सोसाइटी हांगकांग सेंटर के तत्वावधान में भारतीय कला में महिलाओं को समर्पित एक दिवसीय लाइव प्रदर्शनी पेंटिंग की कार्यशाला हुई। इसमें लाहौल-स्पीति के शिप्टिंग गांव की थांका पेंटर कृष्णा टशी पालमो ने देश-विदेश से आए सैकड़ों कलाकारों के मध्य अपने बेहतरीन थांका कला प्रदर्शित की।
कृष्णा के संघर्ष और चुनौतियों पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। इसमें कृष्णा के बचपन से लेकर आज तक की कठिनाइयों के बारे में बताया गया। कृष्णा ने कहा कि थांका पेंटिंग की शिक्षा उन्होंने वर्ष 2006 से 2012 तक दोरजे दुन्दुप से ली थी। 2018 में सेव लाहौल स्पीति संस्था ने कुल्लू में भाषा विभाग के साथ पहली सोलो कार्यशाला करवाई। इसने उन्हें एक अलग पहचान दी। कृष्णा टशी पालमो की शादी लद्दाख के नुबरा के सतंजीन नयंटक से हुई, है जो एक थांका पेंटर हैं। इससे पूर्व भी कृष्णा टशी पालमो ने कई मंचों पर अपने थांका प्रदर्शनी का जलवा बिखेरा है।