हिमाचल की छात्रा जया सागर पीएचडी के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल (यूके) जाएंगी। दावा किया जा रहा है कि मनाली की जया सागर एशिया की एकमात्र छात्रा हैं। जिन्होंने दुनिया के शीर्ष विद्यार्थियों में जगह बनाई है। जय को चार साल के प्रोग्राम के लिए करीब 2.5 करोड़ की राशि बतौर स्कॉलरशिप मिलेगी। जया सागर एनआईटी हमीरपुर से इसी साल इलेक्ट्रॉनिक्स कम्युनिकेशन इंजीनियर बनी हैं।
वह पीएचडी के लिए यूके जाएंगी। हाल ही में जर्मनी में हुई क्वांटम टेक्नोलॉजी की वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में भी जया ने भारत को गौरवान्वित किया। मनाली पब्लिक स्कूल से दसवीं में राष्ट्रीय स्तर पर चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस में जया ने हिमाचल का प्रतिनिधित्व किया था। 2014 में अमेरिका में हुए इंटेल इंटरनेशनल साइंस फेयर में जया ने 80 देशों के बाल वैज्ञानिकों के बीच भारत के लिए दो पुरस्कार जीते थे।
शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने रिसर्च के लिए यूके जा रही जया सागर को शुभकामनाएं दीं। जया ने बताया कि पीएचडी के प्रोग्राम के लिए पूरी दुनिया से सिर्फ दस विद्यार्थियों का चयन हुआ है। उनका सपना वैज्ञानिक बनना है। जया ने इसका श्रेय माता मनजीत कौर, गुप्तराम ठाकुर, रावमा पाठशाला के प्रधानाचार्य रहे रूप सिंह ठाकुर, भौतिक शास्त्र के प्राध्यापक राज पाल गुलेरिया को दिया।