ज्ञान सिंह तोमर ने कहा कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने की मन में हसरत रही है। जापान की आयोजन कमेटी का पत्र मिला है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एक से डेढ़ लाख खर्च होना है।
इसलिए कोई कंपनी, संस्था या आर्थिक सहायता मिलने पर ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कराटे प्रतियोगिता में भाग लेने का सपना पूरा हो सकेगा। कुछ लोगों से सहयोग का आश्वासन भी मिला है।
एक निजी स्कूल में बतौर कोच कार्यरत ज्ञान तोमर ने बताया कि जापान जाने का सपना पूरा हो सका, तो भारत को मेडल हासिल करने को खूब पसीना बहाएंगे।