हिमाचल के प्रतिभाशाली ऑफ स्पिनर गुरविंदर सिंह टोली ने तीन वर्ष बाद रणजी ट्राफी क्रिकेट में वापसी की है। शानदार प्रदर्शन कर रणजी ट्राफी-2016 सीजन में वह देश के टॉप-3 स्पिनरों में शामिल रहे। सीजन में 6 मैच खेलकर हिमाचल टीम के लिए 21 विकेट झटके हैं। प्रदर्शन में सबसे अहम यह रहा कि जिस मैच में उन्होंने 5 विकेट लिए, वह हिमाचल टीम ने जीता है।
युवा ऑफ स्पिनर ने वर्ष 2012 सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था। रणजी ट्राफी में प्रदेश के लिए 5 मैच में 21 विकेट चटकाए थे। लेकिन, इसी बीच उनकी गेंदबाजी के एक्शन को लेकर आपत्ति दर्ज करवाई गई। इसके चलते वह करीब 3 वर्ष तक हिप्र टीम से दूर रहे। लेकिन, उसने हिम्मत नहीं हारी।
खूब मेहनत कर गेंदबाजी एक्शन सुधारा। इस सीजन में वापसी करने वाले युवा स्पिनर के प्रदर्शन पर सबकी नजरें थीं। अमर उजाला से बात करते हुए पांवटा के गुरविंदर सिंह ने कहा कि 3 वर्ष पहले कैरियर खतरे में था। इस, शानदार वापसी के लिए एचपीसीए महासचिव विशाल शर्मा, उपाध्यक्ष अतर सिंह नेगी, हिप्र टीम कोच अभय शर्मा व किशन मोहन शर्मा का सबसे ज्यादा सहयोग रहा। 2 वर्ष तक अपना गेंदबाजी एक्शन सुधारा। इसके बाद चेन्नई में नए एक्शन के साथ टेस्ट में सफल रहा।
इस रणजी सत्र में जेएंडके के ऑफ स्पिनर परवेज रसूल ने सर्वाधिक 38, कर्नाटक के के गौतम ने 27 के बाद हिमाचल के टोली ने 6 मैच 21 विकेट लेकर तीसरे सफल ऑफ स्पिनर गेंदबाज होने का गौरव मिला है। सबसे सफल मैच केरल के साथ 7 विकेट और मैन ऑफ द मैच रहे, छत्तीसगढ़ के साथ 6 व गोवा टीम के साथ 5 विकेट लिए। इन सभी मैचों में हिप्र की टीम ने जीत दर्ज की।
आईपीएल से टीम इंडिया तक पहुंचने का लक्ष्य
गुरविंद्र सिंह ने कहा कि आईपीएल में चयन को पसीना बहा रहे हैं। जनवरी से नार्थ इंडिया के हिमाचल टी-20 मैच शुरू हो रहे हैं। इसमें शानदार प्रदर्शन कर आईपीएल खेल कर इंडिया टीम में शामिल होने के लिए पसीना बहाएंगे। हिमाचल के लिए अब तक 8 टी-20 मैचों में मात्र 5.5 इकोनॉमी से 8 विकेट चटकाए हैं।