हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा 2018 की मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में उत्तीर्ण होकर चंबा की ग्राम पंचायत गागला के गांव कुराहं के अनिल कुमार पुत्र नरोत्तम सिंह ने नाम चमकाया है। प्रदेश भर में 18वीं रैकिंग हासिल करने के बाद अनिल कुमार का चयन बीडीओ पद के लिए हुआ है। अनिल कुमार ने बताया कि उनके पिता नरोत्तम सिंह सशस्त्र सीमा बल में आरक्षी के पद पर नियुक्त हैं। जबकि, माता कुशल गृहिणी हैं। अनिल कुमार ने जमा दो तक की पढ़ाई वरिष्ठ माध्यमिक विधालय मैहला से विज्ञान संकाय में की है और वर्ष 2014 मे राजकीय स्नातक महाविद्यालय चंबा से बीएससी की है। अनिल कुमार ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय परिजनों और शिक्षकों को दिया है।
चुनौतियों से जूझकर देवेंद्र ने पास की एचएएस परीक्षा
कुमारसैन के सुनड़ी गांव डॉकघर कोटला के निवासी देवेंद्र वर्मा ने राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। देवेंद्र वर्मा का इस परीक्षा में 13वां रैंक आया है। उन्हें कोषाधिकारी का पद मिला है। देवेंद्र वर्मा का बचपन का जीवन काफी चुनौतियों पूर्ण रहा है। प्राथमिक शिक्षा के दौरान ही उनके माता-पिता का देहांत हो गया था। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा प्राथमिक स्कूल गलानी और जमा दो सरस्वती विद्या मंदिर विकासनगर शिमला से की है। इसके बाद एनआईटी हमीरपुर से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की परीक्षा उत्तीर्ण की। बीटेक करने के बाद इन्होंने इंडियन ऑयल गुजरात में नौकरी की है। इसी दौरान उन्होंने वन विभाग की परीक्षा उत्तीर्ण की और वे वन विभाग रामपुर में रेंज ऑफिसर के पद नियुक्त हो गए। वर्तमान में ये वन विभाग रामपुर के कार्यालय में कार्यरत हैं। वे अपनी सफलता का श्रेय अपनी बड़ी बहन रीना और परिवार के अन्य सदस्य को देते हैं। इनकी धर्मपत्नी सुरभि वर्मा राजस्थान प्रशासनिक सेवा में कार्यरत हैं।