छठी कक्षा के छात्र रॉबिन शर्मा की गजब की आवाज है। 11 साल के इस बच्चे की नाटी(हिमाचली लोक नृत्य व गायन) मेलों और अन्य समारोहों में सभी को मंत्रमुग्ध कर रही है। अपनी गायकी को मिल रहे प्रोत्साहन के बाद इसने ठान लिया है कि वे मशहूर लोक गायक कुलदीप शर्मा की तरह ही बनेंगे। शिमला की ठियोग-हाटकोटी सड़क के किनारे छैला कस्बे के पास राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बगैन में पढ़ रहे रॉबिन शर्मा ने होश संभालते ही नाटियां गुनगुनाना शुरू कर दिया था।
स्कूलों में पढ़ रहे ज्यादातर छोटे बच्चों के लिए अपनी पहाड़ी बोली में बोलना दूर की बात है, वे ठीक से इसे समझ नहीं पाते हैं। छठी साल का यह बच्चा अपनी पहाड़ी बोली को समझता भी है और इसमें बात भी करता है तथा इसमें रची हुई लगभग सभी चर्चित नाटियों को गा भी लेता है। रॉबिन शर्मा के पिता राजेश शर्मा सेब बागवानी करते हैं। दादा मोहन लाल शर्मा राजस्व विभाग में पटवारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
मोहन लाल शर्मा को अपने पोते पर गर्व है कि वह लोक परंपरा को इतनी छोटी सी उम्र में आगे बढ़ा रहा है। मोहन लाल बोले कि जब वह छोटा था, उसे तब से ही नाटियां गाने का शौक है। हाल ही में रॉबिन ने देवठी के मशहूर दिवाली मेले में मंच से गाकर हजारों लोगों को नाचने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद उसके स्कूल में हुई खेल प्रतियोगिता में भी उसने यहां आए लोगोें, शिक्षकों और स्कूली बच्चों को खूब प्रभावित किया। गांव में कोई कार्यक्रम हो तो वह उसमें भी लोकगायन करता है।
रॉबिन शर्मा को पिछले दिनों वार्षिक कार्यक्रम में एसडीएम ठियोग कृष्ण कुमार शर्मा ने लोकगायकी के लिए सम्मानित भी किया। स्कूल के प्रधानाचार्य रत्न सिंह वर्मा और राजनीतिक शास्त्र विषय के प्रवक्ता ओम प्रकाश पांडे ने बताया कि इस छात्र ने इतनी छोटी उम्र में स्कूल का नाम रोशन किया है। स्कूल में उसे पूरा प्रोत्साहन दिया जा रहा है।