हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के चलेट गांव के अंकुश डडवाल इंडियन कोस्ट गार्ड में पायलट बन गए हैं। अंकुश डडवाल के दादा स्व. ठाकुर केहर सिंह स्वतंत्रता सेनानी थे और आजाद हिंद फौज में सेवाएं दी थी। अंकुश ने सफलता का श्रेय दादा और दादी माया देवी के साथ-साथ माता-पिता को दिया है।
अंकुश ने जमा दो कक्षा तक कि पढ़ाई दिल्ली से की और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय में बीएससी ऑनर्स इन कंप्यूटर साइंस की डिग्री हासिल की। 2015 में इंडियन कोस्ट गार्ड एग्जाम पास करने के बाद इंडियन नेवल अकेडमी से कमीशन पास किया और फिर एयर फोर्स में ट्रेनिंग के बाद अब तैनाती पायलट के रूप में हुई है।