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इस पुल की हकीकत जानकर उड़ जाएंगे होश, क्या कर रहें सरकारी बाबू

Mon, 01 May 2017 01:11 PM IST
विजय सूद/कमलेश रतन भारद्वाज/अमर उजाला, बरोट (मंडी)
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सरकार के नुमाइंदों के प्रदेश में समान विकास के दावे हकीकत में बदलें, इसकी कोई गारंटी नहीं है। हिमाचल प्रदेश में अभी भी ऐसे कई गांव हैं, जहां मूलभूत सुविधाएं ही नहीं मिल पाई हैं। इसका बड़ा उदाहरण मंडी और कांगड़ा जिले की सीमा को जोड़ने वाला पुल है। 22 साल पहले बाढ़ से बहा यह पुल आज तक नहीं बन सका है। हर साल ग्रामीण अपने स्तर पर काम चलाऊ लकड़ी की पुलिया बनाते हैं, लेकिन यह भी बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने पर बह जाती है।
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पर्यटन स्थल बरोट और मुल्थान के बीच ऊहल नदी पर बना यह पुल 1995 में आई बाढ़ में बह गया था। बेशक, यह पुल हर बार चुनाव में मुद्दा बनता है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। दो जिलों को जोड़ने वाले इस पुल से लाभान्वित होने वाले लोग अधिकारियों से लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों सरकारों से पुल बनाने की मांग कर थक चुके हैं, लेकिन किसी स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हुई।

रोजाना जान जोखिम में डालकर होते हैं आर-पार

भाजपा नेता जवाहर ठाकुर
हैरत की बात है कि पुल निर्माण के लिए सालों से मांग उठाने के बावजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारी यह भी नहीं जानते कि यह पुल किस जिले के विभागीय सबडिवीजन में पड़ता है। पुल बहने के बाद मुल्थान और बरोट पंचायतों के दर्जनों गांवों के लोगों को बाजार सहित अन्य गांवों में जाने के लिए मीलों पैदल सफर करना पड़ता है। तीन माह बाद जब नदी का जलस्तर कम होता है, तब कहीं जाकर ग्रामीण हर साल एक छोटी पुलिया बनाते हैं। 

इससे रोजाना जान जोखिम में डालकर सैकड़ों स्कूली बच्चे, पर्यटक और स्थानीय बाशिंदे आर-पार होते हैं। जलस्तर बढ़ने पर पुलिया के बहने का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय दौलतराम, पूर्ण चंद, बृज लाल, मंगतराम, हीरा लाल, हेमराज, काकू, अशोक, राजकुमार और पूर्व प्रधान संजय ने कहा कि पुल बनाने के लिए सरकारों ने कोरी घोषणाएं ही कीं। गत वर्ष भी दोनों क्षेत्रों के लोग सांसदों से समस्या को लेकर मिले, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। 

भाजपा की सरकार बनते ही होगा पुल का निर्माण
विस क्षेत्र द्रंग के पूर्व भाजपा प्रत्याशी जवाहर ठाकुर ने कहा कि आज तक कांग्रेस सरकार ने क्षेत्र की अनदेखी की है। भाजपा की सरकार बनते ही यहां पर पुल का निर्माण करवाया जाएगा।

सरकार की अनदेखी से आक्रोश

मुल्थान पंचायत के प्रधान सुरेंद्र
मुल्थान पंचायत के प्रधान सुरेंद्र ने कहा कि हर वर्ष अपने स्तर पर लकड़ी की पुलिया डालकर ग्रामीण काम चला रहे हैं। नदी में जलस्तर बढ़ने पर लोग जान जोखिम में डालकर इसे आर-पार करते हैं। सरकार की अनदेखी से लोगों में रोष है।

मामला अभी ध्यान में नहीं 
लोक निर्माण विभाग मंडी-1 के अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार का कहना है कि मामला अभी उनके ध्यान में नहीं है। यह एरिया विभाग के किस उपमंडल के तहत पड़ता है, इसकी जांच की जाएगी। यदि लोगों को समस्या है तो सरकार के समक्ष इस मसले को रखा जाएगा।

समस्या के बारे में दी है जानकारी 
लोक निर्माण विभाग उपमंडल बैजनाथ के एसडीओ बीरी सिंह ने कहा कि पुल विभाग के झटिंगरी सब डिवीजन के तहत पड़ता है। हालांकि, समस्या के बारे में लोगों ने सूचित किया है।
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विधायक निधि से पुल निर्माण को देंगे पैसा: कौल

बरोट पंचायत प्रधान रंजना देवी
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि लोगों की समस्या ध्यान में है। विधायक निधि से पुल निर्माण को पैसा दिया जाएगा। यह पुल कांगड़ा और मंडी दोनों संसदीय क्षेत्रों में पड़ता है। इस बारे में सांसद शांता कुमार और रामस्वरूप शर्मा को पत्र लिखा गया है। 

सुविधा न मिलने पर पेश आ रहीं दिक्कतें 
बरोट पंचायत की प्रधान रंजना देवी ने कहा कि पुल की सुविधा न मिलने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार विभाग को समस्या के बारे में बताया गया है।
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