अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अनिल खाची की अध्यक्षता में सोमवार को शिमला में गैर बैंकिंग वित्त कंपनियों (एनबीएफसी) विषय पर राज्यस्तरीय समन्वय समिति (एसएलसीसी) की बैठक आयोजित की गई।
यह बैठक भारतीय रिजर्व बैंक की पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ की क्षेत्रीय निदेशक रचना दीक्षित के सहयोग से हुई। अनिल खाची ने बैंकिंग कॉरेस्पांडेंस (बीसी) तंत्र को सुदृढ़ करने और ग्रामीण क्षेत्रों में उनके द्वारा दी जा रही सेवाओं को बेहतर करने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि माइक्रो एटीएम के माध्यम से बैंक लेन-देन करने को कहा। उन्होंने राज्य को आर्थिक अपराधों से मुक्त बनाने की सभी कोशिशें करने पर भी बल दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष भारतीय रिजर्व बैंक ने राज्य के नौ जिलों में 15 जागरूकता कार्यक्त्रस्म आयोजित किए।
बैंक की ओर से जिला शिमला, कुल्लू और मंडी में पांच प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित कीं। एसईबीआई ने भी राज्य में 148 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। क्षेत्रीय निदेशक रचना दीक्षित ने भारतीय रिजर्व बैंक चंडीगढ़ की ओर से एनबीएफसी के विरुद्ध सुपरवाइजर एक्शन और नई पहल के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।