राज्य सरकार ने स्कूलों की तर्ज पर अब मेडिकल और इंजीनियर कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी है। इन कॉलेजों के आसपास चेतावनी बोर्ड भी लगाए जाएंगे।
दुकानदार निर्देशों की अवहेलना करते पकड़े गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य सुरक्षा निदेशक नरेश कुमार लट्ठ ने इस बारे में टेक्निकल कॉलेज सुंदरनगर और मेडिकल कॉलेज निदेशक को पत्र लिखे हैं।
उल्लेखनीय है कि बीड़ी-सिगरेट के अलावा खैनी और गुटका जैसे उत्पादों को स्कूलों के आसपास पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका है। आम दुकानों में भी खुली सिगरेट बेचने पर प्रतिबंध है।
नशे के नुकसान को जागरूक करने के लिए बीड़ी, सिगरेट और खैनी जैसे उत्पादों पर चेतावनी और कैंसर जैसी बीमारी के फोटो प्रकाशित किए हैं। यह इसलिए किया है ताकि लोग तंबाकू का सेवन छोड़कर जानलेवा बीमारियों से बच सकें। हिमाचल की युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए सरकार भी कई कार्यक्रम चला रही है।