तेरहवीं विधानसभा के नवें सत्र (मानसून सत्र) के चलते शिक्षा विभाग में एक से 18 सितंबर तक छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। सात सितंबर से शुरू होने वाले बजट सत्र के चलते उच्च और शिक्षा निदेशालय ने गुरुवार को प्रस्तावित छुट्टियों और टूअर पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। रविवार सहित अन्य छुट्टियों के दौरान भी इन्हें बुलाया जा सकता है। सुबह आठ से रात आठ बजे तक अफसरों को दफ्तर में मौजूद रहना होगा।
शिक्षा निदेशालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि मानसून सत्र के दौरान विभाग से संबंधित सभी प्रश्नों के जवाब तैयार होने चाहिए। अधिकारियों के पास हर तरह की जानकारी होनी चाहिए। कहा गया है कि विभाग की हर शाखा में कम से कम एक अधिकारी इस दौरान रोजाना सुबह साढ़े आठ बजे ऑफिस में होना चाहिए। रात को आठ बजे तक अफसरों को दफ्तर में मौजूद रहना होगा।
इनकी छुट्टियों पर है रोक
अतिरिक्त निदेशक प्रशासन, कॉलेज, स्कूल उच्च शिक्षा, संयुक्त निदेशक कॉलेज, संयुक्त निदेशक फाइनेंस एंड अकाउंट, सह निदेशक, उच्च शिक्षा के सभी उपनिदेशक, सभी सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल, कमांडर एनसीसी और चीफ लाइब्रेरियन सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी सोलन, प्रारंभिक शिक्षा के सभी उपनिदेशक, प्रिंसिपल डाइट की छुट्टियों पर रोक के आदेश दिए गए हैं। इन अधिकारियों के तहत काम करने वाले स्टाफ को भी छुट्टियां नहीं मिलेंगी।
यह मांगी गई है जानकारी
विभाग में विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों के कितने पद सृजित हैं, कितने पद रिक्त हैं, कितने पद भरे गए हैं। निदेशालय के अधिकारियों ने कितने स्कूलों, कॉलेजों का निरीक्षण किया। कितने नए स्कूल, कॉलेज खोले गए। सरकार की विभिन्न योजनाओं का क्या स्टेटस है।