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Shimla News: सेब सीजन में शहर में ट्रकों के प्रवेश करने पर प्रतिबंध

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डीसी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सेब सीजन की रूपरेखा तय, सुबह 5 से रात 9.30 बजे तक नहीं चलेंगे सेब के ट्राले
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सेब परिवहन के लिए पांच नियंत्रण कक्ष होंगे स्थापित
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सेब सीजन के दौरान कोई भी ट्रक शिमला शहर में प्रवेश नहीं करेगा। इन्हें ढली-मैहली बाईपास मार्ग से भेजा जाएगा। सेब के अलावा अन्य मालभाड़े वाहन शहर में उसे तरह से प्रवेश करेंगे जैसे पहले से कर रहे हैं।

सेब से लदे ट्रालों को सुबह 5 बजे से रात 9.30 बजे तक ठियोग और शिमला के बीच पार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ठियोग की ओर जाने वाली खाली पिकअप को भेखल्टी से होकर भेजा जाएगा। यह जानकारी सोमवार को बचत भवन सभागार शिमला में सेब सीजन के सफल और सुव्यवस्थित परिवहन, सड़कों की स्थिति, पार्किंग, मजदूरों की उपलब्धता पर आयोजित बैैठक में दी। बैैठक में सेब की पैकिंग सामग्री और नियंत्रण कक्ष की स्थापना की बात भी कही। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अनुपम कश्यप ने की।
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उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सेब सीजन को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करें ताकि बागवानों को किसी तरह की असुविधा न हो। उपायुक्त ने कहा कि जिले में सेब परिवहन के दृष्टिगत जिले के 5 स्थानों पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। मुख्य कंट्रोल रूम फागू में स्थापित किया जाएगा जो 15 जुलाई से आरंभ होगा। इसके अतिरिक्त सेब सीजन के दौरान निगरानी के लिए बलग, शोघी, गुम्मा एवं कुड्डू में नियंत्रण कक्ष स्थापित होंगे। उन्होंने संबंधित एसडीएम को नियंत्रण कक्ष में कर्मचारियों की तैनाती करने को कहा। इसके साथ ही उपनिदेशक बागवानी को मुख्य नियंत्रण कक्ष फागू में टेलीफोन, फैक्स, सीसीटीवी कैमरे आदि स्थापित करने के भी निर्देश दिए। कहा कि समय रहते आवश्यकता अनुरूप जिला के विभिन्न स्थानों पर पुलिस कर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि सेब सीजन के दौरान यदि कोई व्यक्ति गाड़ियों में ओवरलोडिंग करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह लोगों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ विषय है, इस पर किसी भी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी।




सभी एसडीएम मालभाड़े का करे निर्धारण
डीसी ने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्र में मालभाड़े का निर्धारण सुनिश्चित कर उपायुक्त कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए। कहा कि दरों के निर्धारण में सड़क की स्थिति, बॉक्स की संख्या और डीजल की कीमतों को ध्यान में रखा जाए। माल ढुलाई शुल्क को लोगों की जानकारी के लिए नियंत्रण कक्षों, नोटिस बोर्डों और अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाए। कहा कि अधिक शुल्क वसूलने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


लाइसेंस एवं पहचान पत्र होंगे जारी
सेब सीजन के दौरान सभी आढ़तियों को लाइसेंस जारी किए जाएंगे। डीसी ने कृषि एवं एपीएमसी को उचित सत्यापन कर ही लाइसेंस जारी करने को कहा ताकि बागवानों को धोखाधड़ी का शिकार न होना पड़े। बिना लाइसेंस के कोई भी आढ़ती पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वाहन चालकों एवं क्लीनरों के पहचान पत्र भी बनाए जाएंगे। पिक-अप 4 पहिया वाहन के लिए आई-कार्ड शुल्क और पंजीकरण शुल्क 200 रुपये, ट्रक 6 पहिया वाहन के लिए 500 रुपये और ट्राला 6 पहिया से अधिक वाहन के लिए 1000 रुपये शुल्क तय किया है।
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इस वर्ष अधिक पैदावार का अनुमान
डीसी अनुपम कश्यप ने बताया कि जिला शिमला में इस वर्ष गत वर्ष के मुकाबले अधिक सेब पैदावार की उम्मीद है। गत वर्ष 1 करोड़ 62 लाख 56 हजार बॉक्स की पैदावार हुई थी। सेब संग्रहण केंद्र एमआईएस को एचपीएमसी द्वारा 15 जुलाई से क्रियाशील किया जाएगा। उन्होंने सेब की पेटियों, कार्टन अन्य पैकेजिंग सामग्री की दरें निर्धारित करने के लिए सभी प्रक्रिया समय पर पूरी करने को कहा। कहा कि बॉक्सों एवं कार्टन की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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