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Shimla News: चिट्टे के मामले में दो मुख्य तस्करों की जमानत याचिका खारिज

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कोटखाई क्षेत्र में गाड़ी से पकड़ा था 64.32 ग्राम चिट्टा
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कोटखाई क्षेत्र में थार गाड़ी से पकड़े गए 64.32 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) मामले में दो आरोपियों को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। शिमला स्थित विशेष न्यायाधीश राजेश चौहान की अदालत ने इनकी नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
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अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि यह केवल नशे के सेवन का सामान्य मामला नहीं है, बल्कि युवाओं को बर्बाद करने वाला संगठित नशे का अवैध कारोबार है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को कोटखाई पुलिस टीम ने हुल्ली बाजार में गुप्त सूचना के आधार पर नाकाबंदी की थी। इस दौरान छैला की तरफ से आ रही एक गाड़ी को रोका गया, जिसमें रक्षित चौहान, राहुल शर्मा और लवली शर्मा सवार थे। तलाशी के दौरान कंडक्टर सीट के नीचे रखे फुट मैट से 64.32 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने तीनों को मौके पर गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले की तफ्तीश के दौरान सह-आरोपी राहुल ने खुलासा किया कि उन्हें यह खेप मोहाली से बिलासपुर निवासी आरोपी अमित महेव ने उपलब्ध करवाई थी। जांच में सामने आया कि अमित लंबे समय से नशा तस्करी में संलिप्त है और वह पहले भी कई बार राहुल को चिट्टा सप्लाई कर चुका था। अमित ने यह नशा आगे कोमलप्रीत उर्फ लाडी से लेकर सोलन के पास डिलीवर किया था। पुलिस ने अमित को 18 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था और वह मॉडल सेंट्रल जेल कंडा में बंद है। अदालत में आरोपी के वकील ने दलील दी कि मौके पर उसके मुवक्किल से कोई बरामदगी नहीं हुई है और उसे सह-आरोपियों के बयान के आधार पर झूठा फंसाया गया है। वहीं, सरकारी वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी आदतन तस्कर है और रिहा होने पर वह फिर से इसी धंधे में लग सकता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 की कड़ी शर्तों का हवाला देते हुए आरोपी अमित और कोमलप्रीत की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया।
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