बालूगंज थाने के मामले में 10 ग्राम और रामपुर के मामले में 6 ग्राम हेरोइन हुई थी बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नशा तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। दोनों मामलों में आरोपियों के कब्जे से चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया गया था। शिमला पुलिस की ओर से जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए अदालत में संबंधित तथ्यों और साक्ष्यों को प्रस्तुत किया गया। पहला मामला पुलिस थाना बालूगंज शिमला में दर्ज है। पुलिस ने 16 मई को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 में प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले में करसोग, जिला मंडी निवासी कौल राम के कब्जे से करीब 10 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। आरोपी की जमानत याचिका पर 17 अक्तूबर को विशेष न्यायाधीश (सीबीआई कोर्ट), शिमला की अदालत में सुनवाई हुई।
दूसरा मामला पुलिस थाना रामपुर थाना के अंतर्गत है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 में कार्रवाई में दर्ज इस मामले में पुलिस ने झाकड़ी निवासी राजा नेगी के कब्जे से छह ग्राम चिट्टा बरामद किया था। आरोपी की जमानत याचिका को विशेष न्यायाधीश-द्वितीय, किन्नौर स्थित रामपुर बुशहर की अदालत ने खारिज कर दिया है। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि दोनों मामलों में साक्ष्य आधारित जांच की गई और अदालत में जमानत याचिकाओं का प्रभावी विरोध किया गया। शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।