फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: 2.290 किलो चरस के साथ पकड़े आरोपी की जमानत याचिका खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन
2025 में ठियोग क्षेत्र से चरस के साथ पकड़ा था आरोपी
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। विशेष न्यायाधीश (वन) शिमला राजेश चौहान की अदालत ने ठियोग थाना क्षेत्र के तहत 2.290 किलोग्राम चरस बरामदगी के मामले में आरोपी अक्षय केवल की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि बरामद चरस व्यावसायिक मात्रा (कमर्शियल क्वांटिटी) के दायरे में आती है और ऐसी स्थिति में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 के कड़े प्रावधानों के तहत आरोपी को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 21 जुलाई 2025 को ठियोग थाना की पुलिस टीम मतियाना से बड़ागांव रोड पर गश्त पर थी। इस दौरान गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने रोनी गांव के पास सड़क किनारे खड़ी एक संदिग्ध कार को घेरा। पुलिस को देखकर कार की अगली और पिछली सीट पर बैठे दो लोग खिड़की खोलकर मौके से फरार हो गए, जबकि चालक सीट पर बैठे व्यक्ति को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में चालक ने अपनी पहचान राहुल वर्मा के रूप में बताई और भागने वालों में से एक का नाम अक्षय केवल बताया। गाड़ी की तलाशी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक तराजू और ड्राइवर सीट के नीचे से 2.290 किलोग्राम चरस बरामद हुई।
विज्ञापन

घटना के बाद 24 जुलाई 2025 को आरोपी अक्षय केवल ने थाने में आत्मसमर्पण किया था जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी इस चरस को सड़क पर आने-जाने वाले पर्यटकों और ट्रक चालकों को बेचने की फिराक में थे।
विज्ञापन

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि यह केवल नशे की लत का नहीं, बल्कि संगठित तरीके से चरस की खरीद-फरोख्त का मामला है, जो युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है। इन गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने आरोपी को राहत देने से इन्कार करते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें