रुंधे स्वर में सर्वदयाल ने फोन पर बताया कि बिलखते बच्चों काे नहीं संभाल पा रहा हूं। पत्नी की तलाश करूं या बीमार मां और बच्चों को संभालूं। कुछ समझ नहीं आ रहा। इसीलिए बच्चों को रिश्तेदारों के पास गांव बड़ोह ग्राम पंचायत मसरूंड डाकघर कंदला भेज दिया है। सर्वदयाल ने बताया कि वह पत्नी और बच्चों के साथ शिवालिग नगर स्थित क्वार्टर में रहते हैं। परिवार के पालन पोषण के लिए वह दूसरी फैक्टरी में काम करते हैं।
फैक्टरी में आग लगने की भनक लगते ही वह गिरते-पड़ते घटनास्थल तक पहुंचे। लेकिन, अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। कोई भी आस अब नजर नहीं आ रही है। सर्वदयाल ने बताया कि तीन वर्ष की आयु में उन्होंने अपने पिता को खो दिया। उसके बाद मां मानसिक रूप से बीमार हो गईं। भाई की पत्नी की दो वर्ष पहले मौत हो चुकी है। अब उनकी पत्नी भी लापता हैं। वहीं, चुराह के विधायक हंसराज ने बताया कि उनके पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू से बात हुई है। उन्होंने फैक्टरी में फंसे लोगों को निकालने का आश्वासन दिया है।
पत्नी ने कही थी फैक्टरी बंद होने की बात
सर्वदयाल ने बताया कि उनकी पत्नी ने 15 दिन पूर्व ही फैक्टरी बंद होने की बात कही थी। कहा था कि फैक्टरी बंद होने वाली है, ऐसे में अब वह दूसरी जगह नौकरी की तलाश में जुट जाएगी। सर्वदयाल ने फैैक्टरी प्रबंधक पर आरोप लगाया कि प्रबंधन की ओर से ही फैक्टरी में आग लगाई गई है। साथ ही वहां से कोई भाग न सके, इसके लिए शटर बंद कर दिए गए।