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खराब रिजल्ट देने वाले शिक्षकों की आई शामत, बन रही है लिस्ट

Sat, 15 Oct 2016 04:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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साल 2016 के दसवीं और जमा दो कक्षा के कम परीक्षा परिणाम देने वाले प्रिंसिपलों और शिक्षकों की शामत आने वाली है। दो माह तक मामला ठंडा पड़ने के बाद अब प्रधान सचिव शिक्षा के आदेशों पर 25 फीसदी से कम परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों और प्रिंसिपलों की फिर सूचियां बनने लग पड़ी हैं।
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शिक्षा निदेशालय से 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले स्कूलों, वहां तैनात शिक्षकों, प्रिंसिपलों का ब्योरा मांगा गया है। पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव पीसी धीमान के समय में भी सूचियां बनी थीं, लेकिन पीसी धीमान की सेवानिवृत्ति होने के चलते मामला ठंडा पड़ गया था।

अब प्रधान सचिव शिक्षा आरडी धीमान ने दोबारा बंद पड़ी फाइल को खोल दिया है। इस साल दसवीं के परीक्षा परिणाम में 16 स्कूल फिसड्डी साबित हुए हैं। इनका रिजल्ट शून्य रहा है। जमा दो के परिणाम में तीन स्कूलों का रिजल्ट शून्य है।
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दसवीं में 102 स्कूलों का रिजल्ट रहा था फिसड्डी

दसवीं के 102 स्कूलों का परिणाम 20 प्रतिशत से कम रहा है। जमा दो के 24 स्कूलों का परिणाम 20 प्रतिशत से कम है। 25 प्रतिशत से कम विषय वार परिणाम देने वाले दसवीं के 166 स्कूल और जमा दो के 108 स्कूल हैं।

जून महीने में शिक्षा विभाग ने खराब परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों के प्रिंसिपलों और शिक्षकों को नोटिस जारी किए थे। जुलाई में अतिरिक्त मुख्य सचिव पीसी धीमान के सेवानिवृत्त होने के बाद इस मामले पर कार्रवाई नहीं हुई।

अब शिक्षा विभाग नए सिरे से खराब परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों और शिक्षकों की सूचियां बनाने में जुट गया है। इस सूची में कौन सा शिक्षक, प्रिंसिपल कितने समय से स्कूल में तैनात है। बीते समय में स्कूल का रिजल्ट कैसा रहा है। इसका ब्योरा भी जुटाया जा रहा है।
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स्कूलों की ग्रेडिंग करने की है तैयारी

नतीजे सुधारने को सरकारी स्कूलों की ग्रेडिंग करने पर भी शिक्षा विभाग विचार कर रहा है। 75 प्रतिशत से अधिक परिणाम देने वाले स्कूलों को ए ग्रेड दिया जाएगा। 60 प्रतिशत से 74 प्रतिशत तक परिणाम देने वाले स्कूलों को बी ग्रेड, 50 से 59 प्रतिशत पर सी ग्रेड और 50 प्रतिशत से कम परिणाम वाले स्कूलों को डी ग्रेड दिया जाएगा। ग्रेडिंग के हिसाब से स्कूलों को मजबूत किया जाएगा।
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