कांगड़ा में स्वास्थ्य संस्थानों में बायोमीट्रिक मशीनें लगाने में हुई कथित धांधली में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा पीएस राणा को चार्जशीट कर दिया है।
विभाग की ओर से कराई गई जांच में उन पर लगे सस्ती मशीनों को महंगे दामों में खरीदने का आरोप सही पाया गया है। चूंकि, राणा रिटायर हो चुके हैं, ऐसे में विभाग अब उनका पक्ष सुनने के बाद रिकवरी की कार्रवाई शुरू करेगा।
राणा के निर्देश पर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बायोमीट्रिक मशीनें लगाने के आदेश जारी किए गए थे। इस दौरान एक विशेष फर्म से ही इन मशीनों को खरीदने के लिए कहा गया था। आरोप है कि सस्ती मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद विभाग ने एक फर्म से 15 हजार रुपये की कीमत वाली मशीनों को 41 हजार रुपये में खरीदा।
मामले की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार तक पहुंची। इसके बाद मंत्री के निर्देश पर विभागीय जांच कराई गई। जांच में भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए। पता चला कि सीएमओ के इस आदेश के चलते विभाग को करीब 43 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने तत्कालीन सीएमओ राणा को चार्जशीट कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि मामले में रिकवरी उनकी पेंशन से की जा सकती है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने बताया कि नुकसान का सही आंकलन किया जा रहा है। चूंकि, वह रिटायर हो चुके हैं, इसलिए रिकवरी को लेकर कार्रवाई की जाएगी।