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राखी पर इन बहनों को है भाई का इंतजार

Wed, 06 Aug 2014 03:46 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
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बारह साल की तिशा और दस साल की भूमि मां पिंकी से सवाल कर रही हैं कि रक्षाबंधन से पहले युग घर लौट तो आएगा न? बहनों को पूरा भरोसा है कि भगवान रक्षाबंधन तक युग को उनके पास भेज देंगे।
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बहनों के इन सवालों के बीच जैसे तैसे मां बेटियों को तो ढांढस बंधा रही है पर खुद युग की याद में फफक-फफक कर रो पड़ती हैं। घर का माहौल वीरान है। हर आहट पर चौंक जाते हैं कि कहीं युग तो नहीं आ गया।

दो महीने बाद भी रामबाजार से गायब चार साल के युग का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।हर दिन यही आस रहती है कि उनके कलेजे के टुकड़े की कहीं से कोई खबर आए।

बेटे को छोड़ दो, नहीं करेंगे पुलिस केस

युग की मां पिंकी कहती हैं कि जिस किसी ने भी उनके बेटे का अपहरण किया है, वे उसे छोड़ दें। हम उसके खिलाफ कोई पुलिस कार्रवाई नहीं कराएंगे। अगर किसी परिचित से यह गलती हुई है तो उसे भी माफ कर देंगे। किसी से कुछ नहीं कहेंगे। बस! युग को लौटा दो।

पिंकी कहती हैं कि उनका युग 52 दिन से गुम है? पल-पल काटना मुश्किल है। रात दिन भगवान से एक ही दुआ मांग रहे हैं कि उनके युग को लौटा दो। दादी चंद्रलेखा भी पोते को लेकर परेशान हैं।

जब से बेटा लापता हुआ है तब से पिता बबलू भी दुकान में नहीं बैठे। अपने जिगर के टुकड़े की तलाश में इधर से उधर भटक रहे हैं। देवी देवता का ऐसा कोई दर नहीं जहां उन्होंने माथा न टेका हो।
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क्या था मामला

14 जून को युग करीब साढ़े चार बजे राम बाजार स्थित अपने घर से खेलने के लिए निकला। घर से चंद कदम दूर युग के पिता बबलू की दुकान है। अचानक तेज बारिश होने लगी। घर में मां को लगा युग दुकान में होगा। शाम सात बजे तक जब युग घर नहीं लौटा तब उसकी तलाश शुरू हुई। तब से उसे हर जगह तलाशा गया।

पहले माना गया कि यह अपहरण का मामला है और फिरौती के लिए किया गया होगा। लेकिन आज तक फिरौती के लिए कोई फोन नहीं आया। पुलिस ने भी युग को ढूंढने का कोशिश की लेकिन निराशा ही हाथ लगी।
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