मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने लोक निर्माण विभाग, परिवहन, पुलिस, हिमाचल पथ परिवहन निगम, हिमाचल प्रदेश सड़क एवं अन्य अधोसंरचना विकास निगम और अन्य हितधारक विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पुलिस विभाग की ओर से चिन्हित 90 ब्लैक स्पॉट में से 71 को लोक निर्माण विभाग ने ठीक कर दिया है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम ने भी 169 दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान की है। जीवीके ईएमआरआई (आपातकाल प्रबंधन एवं अनुसंधान संस्थान) ने भी राज्य में 505 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं। इनमें से लोक निर्माण विभाग की ओर से 200 में सुधार कर लिए गया है।
सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों में लापरवाही से वाहन चलाना, तेज रफ्तार, नशे में गाड़ी चलाना, फिसलन भरी एवं असमतल सड़क सतह, वाहनों में खराबी, खराब मौसम, बाहरी मोड़ों पर पैरापिट्स का न होना आदि शामिल हैं। वर्ष 2019 में 93.61 प्रतिशत दुर्घटनाएं मानवीय गलतियों के कारण हुई हैं। उन्होंने पुलिस विभाग को ट्रैफिक नियमों का पालन न करने वालों पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त लोक निर्माण विभाग अनिल कुमार खाची, एसीएस आरडी धीमान, पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी, प्रधान सचिव परिवहन जेएम पठानिया, परिवहन निगम एमडी संदीप भट्टनागर, लोक निर्माण विभाग प्रमुख अभियंता आरके वर्मा के अतिरिक्त अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।