उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने गुरुवार को विधानसभा में सदन को अवगत कराया कि सरकार ने वर्ष 2018 में प्रदेश के नौ जिलों की खड्डों और नदियों में कुल 113 साइटों को खनन के लिए नीलाम किया है। बिलासपुर के विधायक सुभाष ठाकुर ने खनन से संबंधित सवाल पूछा था। उन्होंने सरकार से यह भी जानना चाहा था कि नीलामी से सरकार को कितना राजस्व मिला। इस पर उद्योग मंत्री ने लिखित जवाब में बताया कि जिला कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, कुल्लू, शिमला, चंबा, सिरमौर, बिलासपुर और मंडी में खड्डों और नदियों में ये साइटें खनन के लिए नीलाम की हैं। नीलामी से सरकार को कुल 27.46 करोड़ का राजस्व हर साल मिलेगा।
निविदा और नीलामी की शर्तों के अनुसार 6.94 करोड़ विभाग को अग्रिम भुगतान और रायल्टी के रूप में मिली है। इन साइटों में खनन से पहले वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से भी मंजूरी लेना अनिवार्य है। जिला बिलासपुर में 4, चंबा 2, कांगड़ा 17, कुल्लू 19, मंडी 40, शिमला 9, सिरमौर 2, ऊना 6 और हमीरपुर में 14 साइटों की खनन के लिए नीलामी हुई है।
एक अन्य सवाल के लिखित जवाब में जानकारी दी कि प्रदेश में हर साल रेशम का 228 मीट्रिक टन उत्पादन होता है। अकेले बिलासपुर जिला में प्रदेश में उत्पादित रेशम का 40 फीसदी हिस्सा पैदा होता है, जोकि 91.2 मीट्रिक टन है। जिला बिलासपुर में पैदा होने वाले रेशम में से 35 फीसदी रेशम झंडूता उपमंडल में तैयार हो रहा है। विधायक जेआर कटवाल ने यह सवाल पूछते हुए सरकार से जानना चाहा था कि क्या झंडूता में रेशम उपमंडल खोलने की कोई योजना है। इस पर मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।