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Shimla News: सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक जमा होगी अटेंडेंट पास फीस

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आईजीएमसी प्रबंधन ने लिया फैसला
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औसतन 100 से अधिक मरीज रोजाना अस्पताल में होते हैं दाखिल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। आईजीएमसी में उपचाराधीन मरीजों के साथ आए अटेंडेंट पास की फीस अब सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक ही जमा होगी। ऐसे में दोपहर तीन बजे के बाद जो मरीज अस्पताल में दाखिल होगा, उस मरीज के साथ आए अटेंडेंट को पास की फीस दूसरे दिन आकर कैश काउंटर पर जमा करवानी होगी। आईजीएमसी प्रबंधन ने इस बारे में फैसला लिया है।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में रीढ़ की हड्डी, श्वास रोग, ह्रदय, मस्तिष्क, मोतियाबिंद, निमोनिया और श्वास रोग विभाग में विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए औसतन 100 मरीजों को रोजाना दाखिल किया जाता है। दाखिल होने के दौरान मरीजों के तीमारदारों से पास की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। इस पास की फीस प्रबंधन ने सौ रुपये निर्धारित की है। ऐसे में इस फीस को जमा करवाने के लिए मरीजों के तीमारदारों को कैश काउंटर पर आना पड़ता है। अब यह फीस सुबह आठ से दोपहर तीन बजे तक ही जमा हो पाएगी। इसके बाद दाखिल मरीजों को दूसरे दिन कैश काउंटर पर आकर इसे जमा करवाना होगा।
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क्या है अटेंडेंट पास
अस्पताल में तीमारदारों को अटेंडेंट पास जारी किया जाता है। इस पास से केवल वही व्यक्ति वार्ड में प्रवेश पाता है जोकि तीमारदार होता है। ऐसे में वार्ड में भी भीड़ नहीं रहती है वहीं मरीजों को संक्रमण फैलने का खतरा भी कम होता है।
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छुट्टी के बाद वापस किए जाते हैं पैसे
अस्पताल में दाखिल होने के बाद अटेंडेंट पास के बदले सौ रुपये फीस ली जाती है। जब मरीज छुट्टी करके घर जाता है तो यह फीस कैश काउंटर से वापस की जाती है। हालांकि अगर यह पास गुम कर दिया है तो फीस वापस नहीं होगी। इस फीस से दूसरा पास बनाया जाता है, ताकि अन्य तीमारदारों को लाभ मिल सकें।
- डॉ. राहुल राव, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
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